कांग्रेस ने फिर पूछा सवाल, क्या गलवां घाटी पर भारत का दावा कमजोर किया जा रहा है

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 5, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

कांग्रेस ने फिर पूछा सवाल, क्या गलवां घाटी पर भारत का दावा कमजोर किया जा रहा है

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कांग्रेस ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चल रहे भारत चीन गतिरोध के बीच कुछ इलाकों से चीनी सैनिकों के पीछे हटने की शुरुआत के बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्या गलवां घाटी पर भारत के दावे को कमजोर किया जा रहा है।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री जी, क्या आप हमारे ही क्षेत्र में ‘बफर जोन’ बना रहे हैं? क्या आप हमारे जवानों को अपने ही सीमा में 2.4 किलोमीटर पीछे कर रहे हैं? क्या आप पीपी-14 के भारतीय क्षेत्र होने पर समझौता कर रहे हैं? उन्होंने यह सवाल भी किया, क्या आप गलवां घाटी पर भारत के दावे को कमजोर कर रहे हैं? सुरजेवाला ने कहा कि भारत इन सवालों के जवाब मांगता है।
गौरतलब है कि सीमा पर तनाव कम होने के पहले संकेत के रूप में चीनी सेना ने पूर्वी लद्दाख में कुछ इलाकों से अपनी सीमित वापसी शुरू कर दी है। इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने टेलीफोन पर बात की जिसमें वे एलएसी से सैनिकों के तेजी से पीछे हटने की प्रक्रिया को पूरा करने पर सहमत हुए।
इसी बीच भारत के रक्षा सुरक्षा प्रतिष्ठान के एक अधिकारी का कहना है कि भारत चीन पर कड़ी नजर रखेगा कि वह 30 जून को सैन्य कमांडरों के बीच हुई वार्ता के फैसले पर कायम रहता है या नहीं। वार्ता में दोनों सेनाओं के चरणबद्ध तरीके से पीछे हटने पर सहमति बनी थी। सरकार के उच्च सूत्रों ने कहा कि यदि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर गलवां नदी के पास चीन ने जो कच्ची सड़क बनाई है वो बंद मिली या फिर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) सर्दियों के लिए आवास बनाती हुई नजर आई तो इसे माना जाएगा कि वह पीछे हटने की बजाय वहीं पर बने रहना चाहते हैं। 

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox