सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने डॉ. कफील की रिहाई पर जताई खुशी

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने डॉ. कफील की रिहाई पर जताई खुशी

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार देर रात डॉ. कफील खान की रिहाई पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खुशी जाहिर की है। इसके साथ ही अखिलेश ने प्रदेश सरकार की कार्यशैली पर प्रश्नचिंह लगाते हुए कहा कि उन्हे उम्मीद है कि डा. कफील के बाद आजम खां को भी जल्द न्याय मिलेगा।
बुधवार सुबह एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि डॉ. कफील की रिहाई के आदेश का देश-प्रदेश के हम सभी इंसाफपसंद लोगों ने सहर्ष स्वागत किया है। इसके बाद उन्होंने लिखा कि उम्मीद है झूठे मुकदमों में फंसाये गए आजम खां को भी शीघ्र ही न्याय मिलेगा। सत्ताधारियों का अन्याय व अत्याचार हमेशा नहीं चलता। मालूम हो कि 80 से भी अधिक मुकदमों में आरोप झेल रहे रामपुर लोकसभा सीट से सपा सांसद आजम खां इस वक्त सीतापुर जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ जमीन पर अवैध कब्जा करने से लेकर किताब और बकरी चोरी करने तक के मुकदमे दर्ज हैं। समाजवादी पार्टी आजम खां को लेकर समय-समय पर बयान देती रहती है। इससे पहले 14 अगस्त को आजम खां के जन्मदिन के मौके पर भी अखिलेश यादव ने उन्हें बेगुनाह बताते हुए शायराना अंदाज में अपनी बात कही थी। अखिलेश ने ट्वीट किया था कि झूठ के कितने जाल बिछा लो सच तो फिर भी आजाद रहेगा।
बता दें कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के बाद डॉक्टर कफील खान को मंगलवार मध्य रात्रि मथुरा जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से रिहाई के बाद कफील ने बातचीत में अदालत का शुक्रिया अदा किया। साथ ही कहा कि वह उन तमाम शुभचिंतकों के भी हमेशा आभारी रहेंगे जिन्होंने उनकी रिहाई के लिए आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि प्रशासन उन्हें अब भी रिहा करने को तैयार नहीं था लेकिन लोगों की दुआ की वजह से वह रिहा हुए हैं, मगर आशंका है कि सरकार उन्हें फिर किसी मामले में फंसा सकती है। कफील संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ पिछले साल अलीगढ़ में भड़काऊ भाषण देने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत करीब साढ़े सात महीने से मथुरा जेल में बंद थे।
हाईकोर्ट द्वारा डॉ. कफील की रिहाई के आदेश का देश-प्रदेश के हम सभी इंसाफपसंद लोगों ने सहर्ष स्वागत किया है. उम्मीद है झूठे मुकदमों में फँसाये गये आजम खान जी को भी शीघ्र ही न्याय मिलेगा. सत्ताधारियों का अन्याय व अत्याचार हमेशा नहीं चलता.

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