वेदों की ओर लौटो- डॉ. रमेश कुमार

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
March 10, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-महर्षि दयानंद सरस्वती की 197 वीं जयंती पर वैदिक यज्ञ का आयोजन

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- अध्यात्म योग संस्थान द्वारका नई दिल्ली व श्री प्रणवानन्द आर्ष गुरुकुल न्याय के तत्वाधान में दिल्ली सरकार कर्मचारी आवासीय परिसर सेक्टर 3 द्वारका में किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. रमेश कुमार असिस्टेंट प्रोफेसर श्री लाल बहादुर शास्त्री केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली रहे, उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा की महर्षि दयानंद सरस्वती जी का जीवन हम सब के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने ही सर्वप्रथम स्वराज्य का उद्घोष किया था। उन्होंने कहा था कि विदेशी राज्य कितना भी अच्छा हो लेकिन स्वदेशी से अच्छा नहीं हो सकता। महर्षि दयानंद ने बाल विवाह, स्त्री शिक्षा, जाति प्रथा, आदि समाज सुधार के अनेक कार्य किए ।
उन्होंने नारा दिया था वेदों की ओर लौटो , उन्होंने कहा हम सभी को वेदों का पाठन- पठन करना चाहिए, वेद किसी जाति, धर्म स्थान विशेष की धरोहर नहीं है, वेद तो सार्वभौमिक, सार्वकालिक ईश्वरीय ज्ञान है, इसलिए वेद सब सत्य विद्याओं का पुस्तक है वेद का पढ़ना पढ़ाना, सुनना और सुनाना सब आर्यों का परम धर्म है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आचार्य जीवन प्रकाश शास्त्री ने बताया कि यज्ञ के अंदर जो कुछ भी घी, सामग्री या मिष्ठान आदि डालते हैं वह अग्नि में जलकर वायु में मिलकर सभी प्राणियों को ऑक्सीजन के रूप में प्राप्त होता है। यज्ञ में डाली हुई सामग्री मिष्ठान आदि वातावरण को शुद्ध करने में सहायक होते हैं इसलिए हमें प्रतिदिन यज्ञ करना चाहिए। महर्षि दयानंद ने यज्ञ के ऊपर विशेष बल देते हुए कहा कि जो लोग घी,सामग्री आदि से यज्ञ करने में सक्षम नहीं हैं, वह केवल मंत्रों का जाप करें उससे भी व्यक्ति का मन और अंतःकरण शुद्ध एवं पवित्र हो जाता है। कार्यक्रम के संयोजक व आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष सतपाल भारती ने सभी आए हुए अतिथि गणमान्य महानुभावों का धन्यवाद किया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से कुंवर राज किशोर सिंह, अनिल बाल्याण,एस के सिंह, कृष्ण दत्त आर्य, श्री पीयूष आर्य, श्री आर्यन, एवं अनेक माताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox