नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना संकट के चलते देश को मंदी से निपटने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने कुछ बड़े ऐलान करने की घोषणा की है। फिलहाल आईएफएम ने भारत की विकास दर 1.9 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है जिसे देखते हुए आरबीआई ने रिवर्स रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट घटाने की घोषणा की है ताकि मंदी से निपटा जा सके। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आरबीआई के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह एक उचित कदम है जिससे देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में मदद मिलेगी।
आईएमएफ के एक अनुमान के अनुसार 2020-21 में भारत की विकास दर 7.4 फीसदी रहेगी। कोरोना खत्म होने के बाद भी भारत की जीडीपी 7 प्रतिशत से अधिक रहने के आसार है। हालांकि कोरोना से दुनिया को 9 ट्रिलियन डाॅलर का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है जिसका असर सभी छोटे-बड़े उद्योगों पर पड़ना लाजमी है। साल 2020 में वैश्विक कारोबार में 13 से 32 प्रतिशत तक की गिरावट का अनुमान भी लगाया जा रहा है। देश में हर छोटे-बड़े उद्योगों पर कोरोना का असर पड़ रहा है और मार्च में आटोमोबाइल उद्योग की प्रोडक्शन और सेल भी गिरी है। जिसे देखते हुए आरबीआई ने वित्तीय नुकसान को कम करने की कोशिश के तहत यह निर्णय लिया है। हालांकि अभी भी भारत के हालात दूसरे देशों से काफी बेहतर रहने के भी संकेत मिल रहे है और आईएमडी ने भी 2020 में अच्छे मानसून का अनुमान जाहिर किया है।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आरबीआई के फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार कोरोना से जंग में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। कोरोना के खिलाफ जंग के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने आज रिवर्स रेपो रेट घटा कर बैंकों की जमा राशि पर ब्याज को कम कर दिया। वहीं ग्रामीण बैंकों के लिए खजाना खोल कर अर्थव्यवस्था को पटरी लाने के लिए मदद का भी ऐलान किया है। आरबीआई के इस फैसले का गृह मंत्री अमित शाह ने स्वागत किया है।


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