कर्ज सीमा 7.5 करोड़ रुपये बढ़ाकर आरबीआई ने छोटे कारोबारियों को दिया खुशियों का तोहफा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 15, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

कर्ज सीमा 7.5 करोड़ रुपये बढ़ाकर आरबीआई ने छोटे कारोबारियों को दिया खुशियों का तोहफा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- मंदी-तेजी के इस दौर ने गरीबों, मजदूरों व कारोबारियों से लेकर हर नागरिक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 50 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाली इकाइयों के लिए खुदरा ऋण सीमा बढ़ाकर 7.5 करोड़ रुपये कर दी है। पहले यह सीमा पांच करोड़ रुपये थी। इस पहल का मकसद छोटी कंपनियों के लिए कर्ज प्रवाह बढ़ाना है। आरबीआई ने एक विज्ञप्ति में कहा कि 75 फीसदी जोखिम भारांश सभी नए कर्ज और मौजूदा ऋण पर लागू होगा। 

इसके तहत कंपनियां बैंक से 7.5 करोड़ रुपये की संशोधित सीमा तक और कर्ज ले सकेंगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि, 50 करोड़ रुपये तक के कारोबार वाले व्यक्तिगत और छोटी कंपनियों के लिए कर्ज की लागत में कमी लाने और बासेल दिशानिर्देश के अनुरूप करने के लिए, सकल खुदरा कर्ज के लिए पांच करोड़ रुपये की सीमा को बढ़ाकर 7.5 करोड़ रुपये करने का निर्णय किया गया है।श् 
इससे पहले, मौद्रिक नीति सिमिति की बैठक के बाद नौ अक्तूबर को रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने इसकी घोषणा की थी। एक अन्य अधिसूचना में आरबीआई ने कहा कि एक सितंबर 2020 से 31 मार्च 2021 तक एसएलआर (सांवधिक तरलता अनुपात) प्रतिभूतियों के लिए श्हेल्ड टू मैच्युरिटीश् (परिपक्व होने तक प्रतिभूति रखना) के तहत बढ़ी हुई सीमा 22 फीसदी की व्यवस्था को 31 मार्च 2022 तक रखने की अनुमति देने का निर्णय किया गया है। 
बैंक अब इस प्रकार की अतिरिक्त एसएलआर प्रतिभूतियां एचटीएम श्रेणी में 31 मार्च 2022 तक रख सकती हैं। आरबीआई ने यह भी निर्णय किया है कि बढ़ी हुई एचटीएम सीमा को 30 जून 2022 को समाप्त तिमाही से चरणबद्ध तरीके से 19.5 फीसदी के स्तर पर लाया जाएगा।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox