नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कानपुर एनकाउंटर में आठ पुलिस कर्मियों की मौत के जिम्मेदार विकास दुबे को आज मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर से पकड़ा गया है। कुख्यात विकास को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, और मध्य प्रदेश में अलर्ट जारी किया गया था लेकिन विकास की शातिराना चालों के सामने पुलिस की एक न चली और सात दिनों तक मारी-मारी फिरती रही।
विकास को पकड़ने के लिए कानपुर के चालीस थानों की फोर्स, दस हजार पुलिसकर्मी और यूपी एसटीएफ की सौ से अधिक टीमें, साथ ही प्रदेश का खुफिया विभाग उसकी तलाश करता रहा लेकिन इन सब को चकमा देकर वो पहले फरीदाबाद फिर मध्य प्रदेश भाग निकला और फिर बड़ी आसानी से पुलिस की गिरफ्त में आ गया। सबसे मजे की बात ये कि विकास कानपुर एनकाउंटर की घटना को अंजाम देने के बाद वो घटनास्थल से महज पांच किमी दूर शिवली गांव में दो दिन छिपा रहा और पुलिस पूरे प्रदेश में उसे ढूंढती रही। घटना के पांच दिन तक विकास कहां है किसी को पता नहीं था। विकास की आखिरी लोकेशन पुलिस ने औरैया में ट्रेस की थी। इसके बाद विकास का मोबाइल ऑफ हो गया। इस दौरान विकास के उन्नाव, कानपुर देहात, मेरठ, दिल्ली फिल्म सिटी, नेपाल बॉर्डर सहित कई जगहों पर मिलने की आशंका में पुलिस दबिश देती रही।
सात जुलाई की रात को विकास का फरीदाबाद में पहला सीसीटीवी फुटेज सामने आया। जहां वो होटल में कमरा लेने गया। इस दौरान विकास ने अपनी भाभी के यहां शरण ली। फरीदाबाद से गायब होने के बाद विकास 750 किमी दूर मध्यप्रदेश के उज्जैन में नजर आया। यहां उसने महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पर्ची कटवाई फिर मंदिर प्रांगण में घूमता रहा। अचानक उसने चिल्लाना शुरु कर दिया मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला। जिसके बाद मंदिर प्रांगण में हड़कंप मच गया। आननफानन में पहुंची एमपी पुलिस की टीम ने विकास को हिरासत में लिया है। यूपी एसटीएफ की एक टीम विकास को लेने के लिए मध्य प्रदेश के लिए निकल चुकी है।


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