परिवर्तन के इस दौर में शिक्षक अपनी भूमिका का निर्वहन करें- अशोक श्रीवास्तव

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

परिवर्तन के इस दौर में शिक्षक अपनी भूमिका का निर्वहन करें- अशोक श्रीवास्तव

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- वर्तमान में देश परिवर्तन और संक्रमण काल से गुजर रहा है, ऐसे में शिक्षक भी शांत न बैठें और परिवर्तन के इस दौर में अपनी भूमिका गिलहरी जैसी ही सही का निर्वहन अवश्य करें। उक्त बातें दूरदर्शन के वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की त्रिदिवसीय आनलाइन मीडिया कार्यशाला के अंतिम दिन श्इलेक्ट्रॉनिक मीडियाश् विषय पर अपने संबोधन में कही। आपने आगे कहा कि शिक्षकों के लिए यह बहुत बड़ा अवसर है कि वह समाज में एक वर्ग विशेष द्वारा फैलाए जा रहे निगेटिव नरेटिव को एक्सपोज करें। आज टीवी चैनलों पर बोलने वालोें की नितांत कमी है, जिसमें शिक्षक एक स्वतंत्र विश्लेषक के तौर पर अथवा विषय विशेषज्ञ के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं।


यह आनलाइन कार्यशाला 6 अगस्त से प्रारंभ होकर 8 अगस्त तक चली। इसके पूर्व कार्यक्रम के पहले दिन आर्गेनाइजर के सम्पादक प्रफुल्ल केतकर ने भी श्प्रिंट मीडियाश् पर अपनी बात रखते हुए कहा कि शिक्षक समाज के सबसे बुद्धिजीवी वर्ग से आते हैं और वे प्रिंट मीडिया के माध्यम से कुछ स्वार्थी लेखकों द्वारा भारत में चलाए जा रहे बौद्धिक युद्ध का डटकर मुकाबला कर सकते हैं। शिक्षक अपने स्वतंत्र लेखन के द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, स्वदेशी स्वावलंबन, आत्म निर्भर भारत, सामाजिक समरसता आदि जैसे तमाम समसामयिक विषयों पर समाज का मार्गदर्शन कर सकते हैं।
कार्यशाला के दूसरे दिन सोशल मीडिया विषय पर विचार रखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र प्रचार प्रमुख अनिल कुमार जी ने कहा कि शैक्षिक संगठनों में कार्य करते समय होने जा रहे नवाचारों को सुनिश्चित करने के लिए इस कार्य में संलग्न शिक्षकों तक उसकी सही जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी हमारी है और इसमें सोशल मीडिया की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। साथ ही हम जिस राष्ट्र विचार के लिए कार्य कर रहे हैं उसे आगे बढ़ाने और जन सामान्य में फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने में भी सोशल मीडिया का उपयोग कर सकते हैं। रोहित कौशल ने सोशल मीडिया की बारीकियों से सभी को अवगत कराया।
कार्यशाला के समापन सत्र में अध्यक्षीय उद्बोधन में शैक्षिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. जे. पी. सिंघल ने सभी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि हम संगठन को सर्वोच्च मानते हुए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ें। कार्यशाला में तीन दिनों में जो बातें आई हैं उन पर चिंतन करते हुए आगे की कार्ययोजना करें। संगठन मंत्री महेन्द्र कपूर जी ने सभी कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे पूरे मनोयोग से अपने कार्य में जुट जाएं और आने वाले दिनों में पूरे देश में संगठन की एक सशक्त मीडिया टीम खड़ी कर संगठन के विचारों और कार्यक्रमों को आम लोगों और शिक्षकों तक पहुंचाएं। इस अवसर पर अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के महामंत्री शिवानंद सिंदनकेरा, मीडिया प्रकोष्ठ के सह प्रमुख बसंत जिंदल एवं दर्शन भारती, प्रो. सुभाष आठवले, डॉ. राजदेव तिवारी, ज्ञानेंद्र नाथ सिंह सहित अन्य केंद्रीय पदाधिकारियों एवं महासंघ से संबद्ध देश के सभी राज्यों एवं विश्वविद्यालय संगठनों के मीडिया प्रभारी एवं कार्यकर्ताओं की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। महासंघ के अखिल भारतीय मीडिया प्रमुख विजय कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, विषय प्रवर्तकों, केन्द्रीय पदाधिकारियों, राज्यों के मीडिया प्रभारियों, सह प्रभारियों एवं राज्यों की मीडिया टोली के कार्यकर्ताओं का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox