किसानों के सामने झुकी सरकार, दिल्ली आने की दी इजाजत

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किसानों के सामने झुकी सरकार, दिल्ली आने की दी इजाजत

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- वीरवार को कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे पंजाब और हरियाणा के किसान रास्ते की अनेक बाधायें पार करते हुए आखिर शुक्रवार को दिल्ली के सिंघु बार्डर व टिकरी बार्डर पर आ डटे। जहां दिल्ली में प्रवेश को लेकर किसानों का दिल्ली पुलिस के साथ संघर्ष जारी रहा। लेकिन जैसे-जैसे किसानों की संख्या बढ़ती गई तो प्रदर्शन भी हिंसक रूप लेने लगा जिसके लिए पुलिस ने करीब 40 राउंड आंसू गैस के गोले व पानी की बौछार मारकर किसानों को नियंत्रित करने की कोशिश की। वहीं किसान संगठनों के साथ पुलिस की धरनास्थल को लेकर भी बातचीत चलती रही। उधर केंद्र सरकार ने किसानों को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की इजाजत देने के बाद दिल्ली पुलिस ने किसानों को बुराड़ी स्थित निरंकारी समागम में प्रदर्शन करने की सशर्त इजाजत दे दी। हालांकि किसानों को पुलिस की देखरेख में बुराड़ी जाना था लेकिन पुलिस की इस इजाजत के बाद कुछ किसान अब बुराड़ी जाने से इंकार कर रहे है जिसे देखते हुए बातचीत में एकबार फिर व्यवधान आ गया है।वहीं दिल्ली मेट्रो ने एहतियात के तौर पर छह मेट्रो स्टेशनों से निकासी और प्रवेश की सुविधा बंद कर दी है।
दिल्ली पुलिस से राजधानी जाने की अनुमति मिलने के बाद भी प्रदर्शनरत किसान बुराड़ी जाने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि वह अपने शीर्ष नेतृत्व का इंतजार कर रहे हैं। साथ ही उनका ये भी कहना है कि बुराड़ी में जाकर उनका आंदोलन कमजोर पड़ सकता है। प्रदर्शन में किसानों के कई संगठन शामिल हैं। कई चाहते हैं कि बुराड़ी चला जाए और कई नहीं जाना चाहते। किसान आंदोलन के चलते बंद किए गए रास्तों के कारण आज कई जगह पर आम लोगों परेशानियां हुईं। कॉलेजों के छात्रों की परीक्षाएं भी रद्द कर दी गईं। जब दिल्ली पुलिस ने यह फैसला ले लिया कि किसानों को बुराड़ी में प्रदर्शन करने दिया जाएगा तो करीब तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद दिल्ली-मेरठ मार्ग पर प्रदर्शन कर रहे किसान रास्ते से हट गए। किसानों का यह समूह शनिवार को दिल्ली कूच करेगा।

किसान बोले हम सिर्फ चाहते हैं शांतिपूर्ण समाधान
टिकरी बॉर्डर पर जब किसानों को पता चला कि उन्हें दिल्ली प्रवेश की अनुमति मिल गई है तो उन्होंने खुशी जताई। एक किसान ने कहा, हमने अपने रास्ते में तकरीबन 10 बाधाएं पार कीं। हम प्रशासन के शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने हमें इजाजत दी ताकि हम प्रदर्शन कर सकें। हम खुश हैं और समस्या का सिर्फ शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं।

किसानों को दिल्ली में आने की अनुमति मिल चुकी है- पंजाब किसान संगठन
केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पंजाब के किसानों के संगठनों ने शुक्रवार को दावा कि केन्द्र सरकार ने उन्हें दिल्ली में दाखिल होने और बुराड़ी मैदान में प्रदर्शन करने की मंजरी दे चुकी है। क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा, हमें दिल्ली में दाखिल होने की अनुमति मिली हुई है। उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने उन्हें दिल्ली के बुराड़ी में एक स्थान पर प्रदर्शन करने की अनुमति दी है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सरकार के फैसले का स्वागत किया
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों को दिल्ली में प्रवेश देने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के इस्तेमाल की इजाजत देने के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद। अब सरकार को जल्द से जल्द किसानों से बात कर कृषि बिल से जुड़े उनके मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए।

किसानों के प्रदर्शन के चलते दिल्ली में जगह जगह जाम
किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च के मद्देनजर हरियाणा से राष्ट्रीय राजधानी को जोड़ने वाले मार्गों को दिल्ली पुलिस द्वारा बंद कर दिये जाने से शुक्रवार को शहर में अहम रास्तों पर वाहनों का जाम लग गया।
दिल्ली यातायात पुलिस ने बताया कि इस प्रदर्शन के चलते ढांसा और झाड़ौदा कलां सीमाएं यातायात के लिए बंद कर दी गयीं और यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग लेने को कहा गया है। उसने ट्वीट किया, टीकरी बार्डर को स्थानीय पुलिस ने यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। हरियाणा की ओर जाने वाला यातायात भी बंद कर दिया गया है। सभी मोटर वाहनों को किसान संघर्ष समिति के प्रदर्शन के चलते इस मार्ग से परहेज करने को कहा गया है ।

हमारी सरकार बनने पर ‘काले कृषि कानूनों’ को निरस्त कर दिया जाएगा- कांग्रेस
कांग्रेस ने तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच करने की कोशिश कर रहे किसानों का समर्थन करते हुए शुक्रवार को कहा कि केंद्र में जिस दिन उसकी सरकार बनेगी उसी दिन इन ‘काले कानूनों’ को निरस्त कर दिया जाएगा। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी किसानों की मांगों को पूरा कराने के लिए उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।उधर, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कहा कि ‘एक देश, एक चुनाव’ की बात करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसानों के संदर्भ में ‘एक देश, एक व्यवहार’ पर अमल करना चाहिए।

दिल्ली सरकार ने नामंजूर की पुलिस की मांग, स्टेडियम नहीं बनेंगे अस्थायी जेल
दिल्ली सरकार ने पुलिस की मांग ठुकराते हुए राजधानी के नौ स्टेडियम को अस्थायी जेल में बदलने से इनकार कर दिया है। इन अस्थाई जेलों में प्रदर्शनरत किसानों को रखा जाना था।

संजय सिंह ने केजरीवाल से की दिल्ली पुलिस की मांग ठुकराने की गुजारिश
दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल सरकार से नौ स्टेडियम को अस्थायी जेल बनाने की जो अनुमति मांगी है उसे लेकर आप के कई नेता विरोध कर रहे हैं। पहले राघव चड्ढा ने और अब संजय सिंह ने केजरीवाल से गुजारिश की है कि वह दिल्ली पुलिस को ये इजाजत न दें। संजय सिंह ने ट्वीट किया, श्वाह मोदी जी क्या देश के अन्नदाता ने आपका पेट भरकर, वोट देकर इसी दिन के लिए देश का प्रधानमंत्री बनाया था कि आप उनके साथ जानवरों सा व्यवहार करें। मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करूंगा कि दिल्ली पुलिस की जेल बनाने की मांग ठुकरा कर, अन्नदाताओं का स्वागत करें।

किसानों ने लिखी पीएम मोदी को चिट्ठी, रखी ये तीन मांगें
योगेंद्र यादव ने बताया है कि संयुक्त किसान मोर्चा के दिल्ली चलो आंदोलन के तहत राजधानी कूच कर रहे किसानों ने शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिखा है। इस खत में किसानों ने तीन मांगें की हैं-
(1) किसानों को बेरोक टोक दिल्ली जाने दिया जाए। सभी बैरिकेड हटाए जाएं, सड़कें खाली की जाएं और हमें शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जानें दें।
(2) रामलीला मैदान या अन्य कोई स्थान खाली कराकर किसानों को दिया जाए ताकि वहां पर वह प्रदर्शन कर सकें।
(3) सरकार सभी किसान प्रतिनिधियों से तत्काल बात करें।

दिल्ली की सीमाओं समेत नई दिल्ली जिले की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों को लगाया गया है। नई दिल्ली इलाके में भी किसी को नहीं जाने दिया जा रहा है। सिंघु, टिकरी और बहादुरगढ़ बॉर्डर पर ज्यादा दबाव पड़ने के चलते सीमा सील कर दी गई है। पुलिस ने दिल्ली-बहादुरगढ़ हाईवे के टिकरी बॉर्डर पर जमा किसानों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की हैं, आंसू गैस के गोले छोड़े।

सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे किसानों से पुलिस बार-बार अपील करती रही कि आप बैरिकेड से पीछे रहें और मूवमेंट न करें अगर आप हमारी बात नहीं मानते हैं तो आपके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अन्य राज्यों से दिल्ली आ रहे आम लोग भी रहे बेहद परेशान
किसानों के आंदोलन के चलते प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग की है जिसके चलते अन्य राज्यों से दिल्ली आने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। पंजाब से उत्तमनगर शादी के लिए आ रहे दुल्हे को झाड़ौदा बार्डर से झाड़ौदा गांव तक अपने परिजनों के साथ पैदल सफर तय करना पड़ा। वहीं बुजुर्ग व बच्चों ने भी सामान के साथ पैदल आते-जाते रहे।

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