नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- सुप्रीम कोर्ट ने देश में पहली बार पेड़ों का आर्थिक मुल्यांकन किया है। एससी द्वारा नियुक्ति एक विशेषज्ञ समिति ने पेड़ों के मूल्यांकन संबंधित रिपोर्ट पेश कर दी है। इस समिति के निष्कर्ष के अनुसार एक पेड़ का एक साल का आर्थिक मूल्य 74500 रुपए हो सकता है। अर्थात पेड़ की उम्र से हर साल 74500 से गुणा कर उसका मूल्य तय करना चाहिए। वहीं 100 साल पुराने हेरिटेज पेड़ों की कीमत एक करोड़ से ज्यादा बताई गई है।
समिति ने रिपोर्ट में कहा कि 100 साल पुराने एक हेरिटेज पेड़ की कीमत एक करोड़ से ज्यादा हो सकती है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने जनवरी 2020 में इस समिति के सदस्य को पेड़ों का आर्थिक मूल्य तय करने को कहा था। यह कीमत पेड़ द्वारा दी जाने वाली ऑक्सीजन की कीमत और अन्य लाभों पर आधारित हो सकती है। इस खंडपीठ में चीफ जस्टिस के साथ एएस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यम भी शामिल थे। उन्होंने केवल पेड़ की लकड़ी के आधार पर ही नहीं बल्कि पर्यावरण में पेड़ों के सकारात्मक प्रभाव को ध्यान में रखकर मूल्यांकन किया है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एक्सपर्ट कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पेड़ की उम्र में हर साल 74500 रुपए का गुणा कर उसका मूल्य तय करना चाहिए। 100 साल पुराने हेरिटेज पेड़ों की कीमत एक करोड़ से ज्यादा हो सकती है। पेड़ जितना पुराना उतनी ज्यादा कीमत बढ़ जाती है। वहीं वडोदरा के भायली और पादरा से 6 किमी की दूरी पर गणपतपुरा गांव में गुजरात का संभवतः सबसे बड़ा अफ्रीकन बाओबाब का 900 साल पुराना पेड़ है। इस पेड़ का वैज्ञानिक नाम एंडेसोनिया डिजीटाटा है।
एक साल की पेड़ की कीमत का गणित
ऑक्सीजन- 45,000
खाद की कीमत- 20,000
लकड़ी की कीमत- 10,000
कुल कीमत- 74500
यहां बता दें कि पश्चिम बंगाल रेलवे ने ओवरब्रिज बनाने के लिए हेरिटेज पेड़ सहित 356 पेड़ काटने की मंजूरी मांगी थी। इस मुद्दे पर समिति ने कहा था कि इन पेड़ों की कीमत 2.2 अरब है, जो इस प्रोजेक्ट की कीमत से भी अधिक है।


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