शहीद राजगुरु कॉलेज में मशरुम उत्पादन एवं अनुसंधान पर कराया फेकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 12, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

शहीद राजगुरु कॉलेज में मशरुम उत्पादन एवं अनुसंधान पर कराया फेकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- वसुंधरा एनक्लेव स्थित शहीद राजगुरू कॉलेज आफ अप्लाइड साइंसेज फॉर विमेन दिल्ली विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने पांच दिवसीय ऑनलाइन एंटरप्रेन्योरशिप एंड फैकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन किया। इस प्रोग्राम को वेबिनार के माध्यम से किया गया जिसमें 100 के करीब शिक्षकों, छात्रों व उद्यमियों ने भाग लेकर मशरूम की खेती व प्रबंधन के बारे में विस्तार से जाना और अपने विचार सांझा किये।
प्रोग्राम का शुभारंभ करते हुए कालेज की प्राचार्य डॉ पायल मागो ने कार्यक्रम की विशेषता एवं मशरूम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार विभिन्न प्रकार की मशरूम को आसानी से घर में ही उगाया जा सकता है। कोरोना काल में जहां बहुत सारे लोग नौकरी के बिना मुश्किल समय से गुजर रहे हैं, वहां मशरूम की खेती एक आकर्षक विकल्प हो सकता है जिसमें कम लागत एवं सीमित इंफ्रास्ट्रक्चर में अच्छी आमदनी की जा सकती है।
इस पांच दिवसीय कार्यक्रम के प्रत्येक दिन विभिन्न अतिथियों को आमंत्रित किया गया जिनका विभाग प्रमुख डॉक्टर रेखा मेहरोत्रा ने स्वागत किया और कार्यक्रम की रूपरेखा दी। कार्यक्रम के प्रथम दिन सम्माननीय मुख्य अतिथि के रूप में डॉ बीएल धर, पूर्व आईएआरआई ने विभिन्न खाद्य मशरूम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं डॉ श्रुति दिल्ली विश्वविद्यालय में मशरूम की संरचना एवं उसके जीवन चक्र के बारे में बताया। कार्यक्रम के अगले सत्र में विभिन्न वक्ताओं जैसे डॉक्टर करुणारतना चीन, डा. रजनी दिल्ली विश्वविद्यालय, डा. प्रवीण दिल्ली विश्वविद्यालय, डॉ सुरेंद्र दिल्ली विश्वविद्यालय ने खाद्य मशरूम जैसे बटन, मिल्की, सीतालें और डींगरी मशरूम उगाने की विधि एवं उनकी उपयोगिता से सभी को अवगत कराया। कार्यक्रम में मशरूम व्यवसाय को समझने एवं उससे जुड़ने के लिए दो उधम कर्ताओं श्री अनुराग, मिल्की वे मशरूम स्पान व मोनिका, मशरूम हब को भी बुलाया गया। इन दोनों ने प्रतिभागियों को कम लागत में अधिक आमदनी प्राप्त करने के बारे में बताया। कार्यक्रम के अंतिम दिन कॉलेज की प्राचार्य डॉ पायल ने स्वयं कॉलेज में मशरूम खेती पर किए गए कार्यों को वीडियो के माध्यम से समझाया। कार्यक्रम के द्वारा लगभग 100 से भी अधिक शिक्षकों, छात्रों एवं उद्यमियों को लाभ पहुंचा। कार्यक्रम के अंत में विभाग के अन्य सदस्यों डा.ऋचा, डा.कोहिनूर, डा. यामिनी, डा. नितिन व डा. आरती ने सभी का आभार व्यक्त किया।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox