अमेरिका में कोरोना के चलते नेशनल कन्वेंशन में रिपब्लिकन पार्टी ने मीडिया को कहा ना

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अमेरिका में कोरोना के चलते नेशनल कन्वेंशन में रिपब्लिकन पार्टी ने मीडिया को कहा ना

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी ने अपने नेशनल कन्वेंशन में कोरोना के चलते मीडिया पा पाबंदी लगा दी है। उनका मानना है कि मीडिया के आने से कोरोना का फैलाव अधिक हो सकता है।
कोविड-19 संबंधी आपात कमेटी में 17 सदस्य और 12 सलाहकार हैं। इन सभी लोगों का कहना है कि ये वैश्विक महामारी अभी भी अंतरराष्ट्रीय मामलों में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात की श्रेणी में रखी जाएगी। कई देशों ने इस वायरस को काबू करने के लिए देश में सख्त लॉकडाउन का सहारा लिया और दो से तीन महीनों के लिए लगभग सभी क्षेत्रों में काम को बंद कर दिया लेकिन इससे इन देशों की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा।
कमेटी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से अपील की वो वैक्सीन बनाने में देशों की मदद करें। इसके अलावा संगठन से अपील की कि वो वायरस के दूसरे माध्यमों पर भी ध्यान दें कि क्या जानवरों में कोरोना वायरस संक्रमण हो सकता है और अगर हां तो उसे रोकने के लिए आवश्यक कदम क्या उठाने चाहिए। इसके अलावा कमेटी चाहती है कि वायरस के अन्य घटकों पर ज्यादा जोर दिया जाए जैसे कि संक्रमण के माध्यम, वायरस का घर, वायरस का म्यूटेशन, संक्रमण से बचाव के लिए इम्यूनिटी। ये बैठक विश्व स्वास्थ्य संगठव के मुख्यालय जेनेवा में हुई। इस बैठक में लोग वीडियो लिंक के जरिए शामिल हुए।
कोरोना वायरस को लेकर हुई बैठक में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस का कहना है कि इस महामारी का असर लंबे समय कर रहेगा। ऐसी महामारी 100 सालों में एक बार आती है लेकिन दशकों तक इसका प्रभाव रहता है। कमेटी ने सभी देशों को चेताया है कि मौसमी इंफ्यूएंजा या दूसरे वायरस से लड़ने के लिए खुद को और अपने देश के स्वास्थ्य प्रणाली को दुरुस्त रखें।
कोरोना वायरस को अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी घोषित करने में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जितना समय लिया, उसके लिए संगठन की काफी आलोचना होती है। अमेरिका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को दी जाने वाली फंडिंग पर रोक लगा दी और संगठन के चीन से मिले होने का आरोप लगाया है।

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