नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/जयपुर/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- राजस्थान में बीएसपी के 6 विधायकों के कांग्रेस में विलय को लेकर नए सिरे से विवाद शुरू हो गया है। बीएसपी और बीजेपी ने राजस्थान हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दाखिल की है। बीएसपी की याचिका पर गुरुवार को हाई कोर्ट ने विधायकों और स्पीकर सीपी जोशी से 11 अगस्त तक जवाब मांगा है।
अब इसी को लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लगातार बीएसपी अध्यक्ष मायावती और बीजेपी को निशाने पर ले रहे हैं। उन्होंने आज इसको लेकर तीन ट्वीट किए और पुराने उदाहरण देकर सवाल उठाए। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि गोवा में भाजपा ने कांग्रेस के 15 में से 10 विधायक दो तिहाई के आधार पर ले लिए और टीडीपी के 4 के 4 एमपी का राज्यसभा के अंदर भाजपा में मर्जर हो गया लेकिन राजस्थान में बसपा के 6 के 6 विधायक यानी पूरी पार्टी कांग्रेस के अंदर मर्जर कर गयी है। जब भाजपा मर्जर करवा रही है तो यहां मर्जर गलत कैसे है? इसको क्या कहोगे?
उन्होंने कहा, बहनजी (मायावती) को भाजपा ने आगे कर रखा है और उन्हीं के इशारे पर वो बयानबाजी कर रही हैं. भाजपा जिस प्रकार से सीबीआई, ईडी व आईटी का दुरुपयोग कर सबको ही डरा रही है, धमका रही है जिससे राजस्थान में क्या हो रहा है, सबको मालूम है, ऐसा तमाशा कभी देखा नहीं। वे उनसे डर रही हैं और मजबूरी में बयान दे रही हैं।
गौरतलब है कि संदीप यादव, वाजिब अली, दीपचंद खेरिया, लाखन मीणा, जोगेंद्र अवाना और राजेंद्र गुढ़ा ने 2018 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी के टिकट पर जीत दर्ज की थी। ये सभी सितंबर 2019 में बीएसपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। तब मायावती ने इसको लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था. अब उन्होंने इसके खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया है।


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