प्रधानमंत्री की महिला सशक्तिकरण योजना को बीएसएफ लगा रही पलीता

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

प्रधानमंत्री की महिला सशक्तिकरण योजना को बीएसएफ लगा रही पलीता

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/द्वारका/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन ने बीएसएफ की महिला सिपाही टैक्नीकल की भर्ती प्रक्रिया पर महज एक महिला अभ्यर्थी का चयन होने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि बीएसएफ प्रधानमंत्री की महिला सशक्तिकरण की योजना को पलीता लगा रही है और भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों की गई पूर्णतया अवहेलना कर रही है जो कि उचित नही है। एसोसिएशन ने माननीय गृहमंत्री अमितशाह से इस मामले में महिलाओं की 15 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने एवं सम्माहित कर फिर से परिणाम घोषित करने की मांग की है ताकि बच्चियों के भविष्य से खिलावाड़ ना हो सके।
बता दें कि पहली रक्षा पंक्ति बीएसएफ के द्वारा सिपाही टैक्नीकल एसएमटी वर्कशॉप के लिए 2018-19 के साल में 207 वैकेंसी निकाली गई थी। इस लम्बी चली भर्ती प्रक्रिया का परिणाम अभी 28 अगस्त 2020 को घोषित किया गया। जिसमें उपरोक्त पदों वास्ते मात्र एक महिला अभ्यर्थी का चयन किया गया है।
इस परिणाम पर सवाल उठाते हुए कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन ने पूछा है कि सरकार द्वारा उस महिला सशक्तीकरण पर बनी समिति की छठवीं रिपोर्ट की अनुशंसा का क्या हश्र होगा और साथ ही 2016 के उस ऑफिस मैमोरेंडम की पूरी तरह से अवहेलना की गई जिसमें महिला सिपाहियों के पदों पर सीआरपीएफ व सीआईएसएफ में 33 प्रतिशत और बीएसएफ, आईटीबीपी व एसएसबी में 15 प्रतिशत आरक्षण संबंधित भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु आदेश जारी किया था। उपरोक्त महत्वपूर्ण घोषणा तब के केंद्रीय गृह मंत्री व वर्तमान में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह द्वारा की गई थी।
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने उपरोक्त विषय को लेकर बीएसएफ कमांडेंट (रिक्रूटमेंट) से वार्तालाप किया कि गृह मंत्रालय के आदेश जिसमें की सिपाहियों की भर्ती में महिलाओं की सुनिश्चित भागीदारी तय कर आरक्षण का प्रावधान है उसके बावजूद मात्र एक महिला अभ्यर्थी का चुना जाना चिंतनीय विषय है। क्या गृह मंत्रालय के आदेश की अवहेलना मानी जाए जिसमें केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में महिला सिपाहियों को आरक्षण देने की बात कही गई है। जबकि आज माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा महिला सशक्तीकरण पर विशेष तौर पर जोर दिया जा रहा है। कमांडेंट (रिक्रूटमेंट) द्वारा जबाब में ये कहना कि उपरोक्त भर्ती प्रक्रिया सिपाही जीडी के लिए नहीं बल्कि सिपाही टैक्नीकल के लिए थी इसलिए महिला सिपाही (टैक्नीकल) को आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकता। महोदय यहां महिलाओं की सिपाहियों के पदों पर रिजर्वेशन की बात हो रही है और बीएसएफ ने टैक्नीकल गैर-टैक्नीकल कहकर पल्ला झाड़ लिया। लगा कि सिपाही पद को भी दो-फाड़ कर विभाजित कर दिया गया जिसका खामियाजा आखिर महिला को ही भुगतना पड़ा।
कॉनफैडरेसन आफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वैलफेयर एसोसिएशन ने इस संबंध में माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि उपरोक्त भर्ती प्रक्रिया में महिलाओं की 15 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित एवं सम्माहित कर फिर से रिजल्ट लिस्ट जारी की जाए और बीएसएफ व अन्य सुरक्षा बलों में महिला सिपाहियों के आरक्षण देने के संबंध में फिर से साफ एवं स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए जाएं ताकि भविष्य में महिलाओं के सुनहरी भविष्य के साथ खिलवाड़ ना हो।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox