नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर राम जानकी संस्थान पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (RJS PBH) द्वारा आयोजित 601वें डिजिटल शिखर सम्मेलन में युवाओं के कौशल विकास, रोजगार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), पारंपरिक कला, उद्यमिता और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम का आयोजन आरजेएस पीबीएच के संस्थापक एवं राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में शिक्षा सुधार, पेपर लीक की घटनाओं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े तनाव के कारण छात्रों की आत्महत्या जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई। साथ ही जलवायु कार्यकर्ता और वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर चल रहे अनशन के दौरान बिगड़ते स्वास्थ्य को देखते हुए केंद्र सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप करने की अपील की गई।
कार्यक्रम के सह-आयोजक राजेंद्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि आज के समय में युवाओं को केवल डिग्री नहीं, बल्कि रोजगारपरक कौशल की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत के ग्रामीण और शहरी युवाओं तक सरकारी योजनाओं और आधुनिक तकनीक का लाभ पहुंचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
एमएसएमई योजनाओं से आत्मनिर्भर बन रहे युवा
मुख्य अतिथि एवं एमएसएमई मंत्रालय (भारत सरकार) के निदेशक डॉ. आर.के. भारती ने पीएम विश्वकर्मा योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण, टूलकिट, कम ब्याज पर ऋण और आधुनिक तकनीक से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है।
डॉ. भारती ने बताया कि योजना के तहत 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों को प्रशिक्षण के साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस योजना को देशभर में व्यापक सफलता मिली है और लाखों लोग इसका लाभ उठा रहे हैं।
एआई से खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं आईएसीटी एजुकेशन के निदेशक राजीव कुमार ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले वर्षों में रोजगार का बड़ा माध्यम बनेगा। उन्होंने बताया कि युवा एआई के माध्यम से पॉडकास्ट, डिजिटल कंटेंट, एआई अवतार और शॉर्ट वीडियो निर्माण जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं।
हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय डेटा सुरक्षा और साइबर गोपनीयता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि कई थर्ड पार्टी एप्लिकेशन बिना जानकारी के व्यक्तिगत और बैंकिंग डेटा तक पहुंच बना लेते हैं।
पारंपरिक कला भी बन सकती है रोजगार का माध्यम
प्रसिद्ध भोजपुरी पेंटिंग कलाकार वंदना श्रीवास्तव ने कहा कि चित्रकला केवल एक शौक नहीं बल्कि बेहतर करियर का आधार भी बन सकती है। उन्होंने कहा कि पेंटिंग के माध्यम से इंटीरियर डिजाइन, ग्राफिक डिजाइन और फैशन डिजाइन जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
उन्होंने भोजपुरी कला की वैज्ञानिक और सांस्कृतिक विशेषताओं पर भी प्रकाश डालते हुए युवाओं से भारतीय लोक कलाओं को अपनाने का आह्वान किया।
रक्तदान और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान उदय कुमार मन्ना ने आगामी सामाजिक और राष्ट्रीय कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए बताया कि 24 जुलाई को इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से नई दिल्ली में स्वैच्छिक रक्तदान जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस, नेल्सन मंडेला दिवस, कारगिल विजय दिवस, विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस, राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस और स्वतंत्रता दिवस पखवाड़ा सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त को नोएडा में एक भव्य युवा सम्मेलन होगा, जिसमें उनकी नई पुस्तक “अमृत काल का सकारात्मक भारत उदय” का भी विमोचन किया जाएगा।
कौशल विकास ही विकसित भारत की नींव
कार्यक्रम के अंत में वक्ताओं ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं को आधुनिक तकनीक, रोजगारपरक कौशल, उद्यमिता और संवैधानिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का आह्वान किया।


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