नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटी घी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख ब्रांड—नेचुरल राजधानी, श्री हरियाणा फूड और मदर बेस्ट—की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग के अनुसार इन ब्रांडों के नमूने जांच में निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे और इन्हें उपभोग के लिए असुरक्षित पाया गया।
जांच में सामने आई गंभीर खामियां
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और सिद्धार्थनगर से लिए गए घी के सैंपल में सैपोनिफिकेशन वैल्यू और आयोडीन वैल्यू मानकों से कम पाई गई। इसके अलावा उत्पाद में बाहरी वसा की मिलावट भी सामने आई, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती है। एक नमूने में रिफ्रैक्टोमीटर वैल्यू भी निर्धारित सीमा से कम पाई गई, जिसके चलते उसे अधोमानक घोषित किया गया।
व्यापारियों को सख्त चेतावनी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि यदि कोई भी दुकानदार, वितरक या थोक व्यापारी इन प्रतिबंधित ब्रांडों का भंडारण, वितरण या बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन व्यापारियों के पास इन ब्रांडों का स्टॉक मौजूद है, उन्हें 48 घंटे के भीतर विभाग को इसकी जानकारी देने और बाजार से उत्पाद वापस मंगाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्माता कंपनी पर भी कार्रवाई
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित घी उत्पाद मुजफ्फरनगर स्थित एक फर्म द्वारा तैयार किए जा रहे थे, जिनके कई अन्य ब्रांड भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है, ताकि मिलावटखोरी के इस मामले में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ता घी खरीदते समय ब्रांड, पैकेजिंग और गुणवत्ता की जांच जरूर करें। संदिग्ध उत्पाद मिलने पर तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटी घी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन प्रमुख ब्रांड—नेचुरल राजधानी, श्री हरियाणा फूड और मदर बेस्ट—की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग के अनुसार इन ब्रांडों के नमूने जांच में निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे और इन्हें उपभोग के लिए असुरक्षित पाया गया।
जांच में सामने आई गंभीर खामियां
अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और सिद्धार्थनगर से लिए गए घी के सैंपल में सैपोनिफिकेशन वैल्यू और आयोडीन वैल्यू मानकों से कम पाई गई। इसके अलावा उत्पाद में बाहरी वसा की मिलावट भी सामने आई, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक मानी जाती है। एक नमूने में रिफ्रैक्टोमीटर वैल्यू भी निर्धारित सीमा से कम पाई गई, जिसके चलते उसे अधोमानक घोषित किया गया।
व्यापारियों को सख्त चेतावनी
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि यदि कोई भी दुकानदार, वितरक या थोक व्यापारी इन प्रतिबंधित ब्रांडों का भंडारण, वितरण या बिक्री करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन व्यापारियों के पास इन ब्रांडों का स्टॉक मौजूद है, उन्हें 48 घंटे के भीतर विभाग को इसकी जानकारी देने और बाजार से उत्पाद वापस मंगाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्माता कंपनी पर भी कार्रवाई
जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित घी उत्पाद मुजफ्फरनगर स्थित एक फर्म द्वारा तैयार किए जा रहे थे, जिनके कई अन्य ब्रांड भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। विभाग अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहा है, ताकि मिलावटखोरी के इस मामले में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ता घी खरीदते समय ब्रांड, पैकेजिंग और गुणवत्ता की जांच जरूर करें। संदिग्ध उत्पाद मिलने पर तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।


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