हरियाणा सरकार के प्रोटोकाॅल में आया डिप्टी सीएम का पद

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

हरियाणा सरकार के प्रोटोकाॅल में आया डिप्टी सीएम का पद

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/चंडीगढ़/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- हरियाणा सरकार ने प्रदेश में उपमुख्यमंत्री को सरकारी सम्मान का दर्जा देने के लिए नये प्रोटोकाॅल का आदेश जारी किया है। जिसमें अब उपमुख्यमंत्री पद को प्रोटोकाॅल में 16वीं वरीयताक्रम में रखा गया है। यहां बता दे कि अब उपमुख्यमंत्री प्रोटोकाॅल में विधानसभा अध्यक्ष, लोकायुक्त व हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से पहले होंगे।
हरियाणा में भाजपा के साथ गठबंधन में सहयोगी जजपा पार्टी के नेता व प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चैटाला पर विपक्ष बार-बार प्रोटोकाॅल को लेकर हमला करता रहा है लेकिन अब हरियाणा सरकार ने इसका जवाब देते हुए उपमुख्यमंत्री को प्रोटोकाॅल में शामिल कर लिया है। और उपमुख्यमंत्री को 16वीं वरीयताक्रम में रखा गया है। हालांकि केंद्र में प्रोटोकाॅल के हिसाब से मुख्यमंत्री 7वें व उपमुख्यमंत्री को 10वीं वरीयताक्रम मिली है लेकिन प्रदेश सरकार ने अपने प्रोटोकाॅल में मुख्यमंत्री को 9वें व उपमुख्यमंत्री को 16वीं वरीयताक्रम में रखा है। जबकि प्रदेश में प्रोटोकाॅल में विधानसभा अध्यक्ष, लोकायुक्त व हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को 17वां स्थान हासिल है। इस हिसाब से मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने गठबंधन धर्म निभाते हुए उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चैटाला को काफी अच्छी रैंकिंग दी है और उनके पद को सरकारी मान्यता या वरीयता भी प्रदान की है।
यहां बता दें कि अब तक प्रदेश में उपमुख्यमंत्री का पद तो होता था लेकिन प्रोटोकाॅल के हिसाब से उसे कोई सरकारी वरीयता प्राप्त नही थी। 25 मई 2000 को जब चंद्रमोहन को उप मुख्यमंत्री बनाया गया था तब सरकार ने मुख्यमंत्री की वरीयता धटाकर 9वीं कर दी थी और उपमुख्यमंत्री को कोई वरीयता नही दी थी। हालांकि केंद्र सरकार में उपमुख्यमंत्री 10वें स्थान पर है और विधानसभा अध्यक्ष 14वें स्थान पर हैं लेकिन हरियाणा में उपमुख्यमंत्री को 16वीं व विधानसभा अध्यक्ष को 17वीं वरीयता दी गई है। इसके बाद लोकायुक्त, हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, केंद्रीय कैबिनेट के मंत्री, प्लाॅनिंग बोर्ड के उपध्यक्ष, विपक्ष के नेता, दूसरे राज्यों के कैबिनेट मंत्री, राज्यों के विधानसभी अध्यक्ष, दूसरें राज्यों के हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस, विधानसभा के उपाघ्यक्ष , राज्य मंत्री व बिजली नियामक बोर्ड के अध्यक्षों को वरीयता दी गई है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox