नई दिल्ली/नजफगढ़/उमा सक्सेना/- नजफगढ़ क्षेत्र में हरफूल जाट जुलाना वाले को भले ही सभी जानते हों, लेकिन आज चर्चा उस व्यक्तित्व की है जो निस्वार्थ सेवा, अनुशासन और दानशीलता के लिए पहचाना जाता है। रोशनपुरा नजफगढ़ से बीजेपी निगम पार्षद एवं डिप्टी चेयरमैन, देवेंद्र डबास उर्फ बांके पहलवान, एक बार फिर अपने सेवा भाव के कारण सुर्खियों में हैं।

रोज़ाना तड़के गौशाला पहुंचकर करते हैं सेवा
बांके पहलवान की पहचान केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि वे एक समर्पित गौ-भक्त के रूप में भी जाने जाते हैं। चाहे सर्दी हो, गर्मी या बरसात, वे रोज़ाना सुबह 4 बजे उठकर गौशाला पहुंचते हैं और गौ सेवा में जुट जाते हैं। यह नियमितता और समर्पण उन्हें समाज में एक अलग स्थान दिलाता है।
गौ माता के लिए दिया 33 लाख से अधिक का दान
नजफगढ़ गौशाला में आयोजित सांग कार्यक्रम के दौरान बांके पहलवान ने गौ माता की सेवा के लिए 33,31,141 रुपये (तैंतीस लाख इकतीस हजार एक सौ इकतालीस रुपये) का दान देकर एक मिसाल कायम की। उनके इस योगदान की हर तरफ सराहना हो रही है।

36 बिरादरी में सदैव सक्रिय सहभागिता
बांके पहलवान 36 बिरादरी के दुख-सुख में हमेशा आगे रहकर साथ निभाने के लिए भी जाने जाते हैं। सामाजिक, धार्मिक और मानवीय कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका उन्हें जन-जन का नेता बनाती है।
गौ माता का आशीर्वाद बना प्रेरणा
क्षेत्रवासियों और समर्थकों ने ईश्वर और गौ माता से प्रार्थना की कि बांके पहलवान को सदैव गौ माता का आशीर्वाद प्राप्त होता रहे और वे इसी तरह सेवा और दान के मार्ग पर आगे बढ़ते रहें।


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