भाजपा अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया शुरू, 20 जनवरी को सामने आ सकता है नया चेहरा

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
January 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-अधिसूचना जारी, नामांकन और मतदान की तारीखें तय

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-    भारतीय जनता पार्टी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार को पार्टी की ओर से अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। जारी कार्यक्रम के अनुसार 16 जनवरी को निर्वाचक मंडल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 19 जनवरी को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किए जाएंगे। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं तो 20 जनवरी को चुनाव कराए जाएंगे, जबकि उसी दिन पार्टी को नया अध्यक्ष भी मिल सकता है।

20 जनवरी को हो सकती है औपचारिक घोषणा
पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बात की पूरी संभावना है कि वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करेंगे। ऐसे में 19 जनवरी को ही उनका निर्विरोध चयन तय माना जा रहा है, जबकि औपचारिक घोषणा 20 जनवरी को की जा सकती है। बताया जा रहा है कि नितिन नबीन के नामांकन प्रस्तावक के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वर्तमान भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल हो सकते हैं।

युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की रणनीति
नितिन नबीन को पार्टी की कमान सौंपकर भाजपा एक बार फिर युवा नेतृत्व को आगे लाने का स्पष्ट संदेश देना चाहती है। इससे पहले पार्टी 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नेताओं को मार्गदर्शक मंडल में शामिल कर यह संकेत दे चुकी है कि संगठन में नेतृत्व परिवर्तन एक सतत प्रक्रिया है। एक सामान्य कार्यकर्ता और विधायक से राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का सफर तय कराने की सोच के जरिए भाजपा अपने युवा कार्यकर्ताओं को यह भरोसा दिलाना चाहती है कि मेहनत और समर्पण के बल पर वे भी पार्टी के शीर्ष पद तक पहुंच सकते हैं।

45 वर्षीय नितिन नबीन के नेतृत्व के मायने
45 वर्षीय नितिन नबीन को अध्यक्ष बनाए जाने की स्थिति में भाजपा अन्य राजनीतिक दलों को भी एक नैतिक संदेश देना चाहती है। जहां कई दलों में पारिवारिक परंपरा या लंबे समय से एक ही नेतृत्व बना हुआ है और अध्यक्षों की उम्र 70–80 वर्ष के पार है, वहीं भाजपा युवाओं को जिम्मेदारी सौंपकर यह दर्शाना चाहती है कि देश और संगठन दोनों की कमान नई पीढ़ी के हाथों में होनी चाहिए। यह कदम भारतीय राजनीति में युवा नेतृत्व को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox