
नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को निर्देश दिए हैं कि बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) पर बढ़ते काम के दबाव को कम करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की जाए। 12 राज्यों में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के कारण बीएलओ पर काम का बोझ काफी बढ़ गया है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि जिन लोगों ने ड्यूटी से छूट के लिए स्पष्ट और सही वजहें दी हैं, उनके अनुरोधों पर राज्य सरकार और सक्षम प्राधिकारी विचार करें और आवश्यकतानुसार उनकी जगह अन्य कर्मियों की तैनाती की जाए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि यदि आवश्यकता है, तो इस काम के लिए जरूरी कार्यबल मुहैया कराया जाए।
यह आदेश तमिलगा वेत्री कझगम की याचिका पर सुनवाई के दौरान आया, जिसमें पार्टी ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग बीएलओ के बोझ के कारण काम न कर पाने की स्थिति में उन्हें आपराधिक कार्रवाई के तहत परेशान कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बीएलओ को राहत देते हुए कहा कि उनके काम के घंटे घटाने के लिए राज्य सरकारें आवश्यक कदम उठाए और प्रक्रिया के दौरान कार्यभार संतुलित किया जाए।





More Stories
भूटान में ग्लेशियर झील फटी, असम-बंगाल में अचानक बाढ़ का खतरा; 15 हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा
इजरायल में बहुमत से दूर नेतन्याहू, अरब पार्टियां बनीं ‘किंगमेकर’; 19 सीटों से कैसे तय होगा बेंजामिन का भविष्य?
जम्मू-कश्मीर: शोपियां में आतंकी फंडिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़, लश्कर और TRF के लिए फंड जुटाने वाले 10 आरोपी गिरफ्तार
अल्लाह से तौबा करें सारा अली खान… कर दिया सबसे बड़ा गुनाह,
इंद्रप्रस्थ कॉलेज में दिल्ली के उपराज्यपाल ने किया 14वें पिंक बूथ का उद्घाटन
डॉ. रूद्र नारायण सोनी को उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों,