नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/उत्तराखंड/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- करीब एक सप्ताह भर चले प्रतिबंध के नाटक का आज पटाक्षेप हो गया और पतंजलि की कोरोनिल दवा पर प्रतिबंध हट गया है। योग गुरु रामदेव ने बुधवार को पतंजलि में मीडिया से बात करते हुए बताया कि कोरोनिल को बेचने पर अब आयुष मंत्रालय ने प्रतिबंध हटा दिया है। बाबा रामदेव ने इसे स्वदेशी की बड़ी जीत बताया है।
बता दें कि पतंजलि ने कोरोना की पहली आयुर्वेदिक दवा कोरोनिल को एक किट के रूप में 23 जून को लॉन्च किया था। इसे कोरोना के मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल के बाद लॉन्च करने का दावा किया गया था। लेकिन बाद में इस पर आयुष विभाग के आयुर्वेद ड्रग्स लाइसेंस अथॉरिटी की ओर से पतंजलि को नोटिस भेजा गया था। नोटिस में पतंजलि अपने दावे से पलट गई। पतंजलि ने जवाब में कहा कि कोरोना की कोई दवा नहीं बनाई और न ही कभी कोरोना की बताकर प्रचार-प्रसार किया गया।
बाबा रामदेव का कहना है कि मॉर्डन मेडिकल साइंस के तहत ये काम किया गया है। इनके अलग-अलग लाइसेंस हैं, इनका संयुक्त रूप से ट्रायल किया गया था। रजिस्ट्रेशन व रिसर्च के प्रोसेस अलग हैं। हमने जो तीन औषधियां बनाई हैं, उनका लाइसेंस यूनानी और आयुर्वेद मंत्रालय से लिया गया है। बाबा रामदेव ने कहा कि अभी कोरोना के ऊपर क्लीनिकल ट्रायल हुआ है। दस से ज्यादा बीमारियों के तीन लेवल को हम पार कर चुके हैं।
हृदय रोगियों, अस्थमा, हेपेटाइटिस, डेंगू, चिकनगुनिया के रोगियों पर रिसर्च कर चुके हैं। पांच सौ से ज्यादा वैज्ञानिक हमारी रिसर्च टीम में हैं। हमारी इस जीत से साम्राज्यवादी सोच पर हमने विजय पाई है।
मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि पतंजलि दवा बेच सकती है, लेकिन कोविड- 19 को ठीक करने के नाम से दवा नहीं बेची जा सकेगी। उन्होंने कहा कि दवा को इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर बेचने की अनुमति मिली है। इसलिए दवा आज से ही देशभर में बेची जा सकेगी।


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