1 नवंबर से लागू हुए नए नियम: बैंकिंग, जीएसटी और आधार से जुड़ी अहम बदलावों पर जानें असर

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 17, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

1 नवंबर से लागू हुए नए नियम: बैंकिंग, जीएसटी और आधार से जुड़ी अहम बदलावों पर जानें असर

-देशभर में लागू हुए नए प्रावधान

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-      1 नवंबर 2025 से पूरे देश में कई ऐसे नियम लागू हो गए हैं, जो सीधे आम नागरिकों के जीवन से जुड़े हैं। इन परिवर्तनों में बैंकिंग सेवाओं, जीएसटी व्यवस्था, पेंशन प्रक्रिया और आधार से संबंधित सुविधाओं में अहम सुधार किए गए हैं। सरकार का कहना है कि ये बदलाव लोगों की सुविधा बढ़ाने, व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए हैं।

आधार में ऑनलाइन संशोधन की नई सुविधा
अब देश के नागरिक अपने आधार कार्ड में दर्ज नाम, जन्मतिथि, पता और मोबाइल नंबर जैसी जानकारी घर बैठे ही संशोधित कर सकेंगे। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है, जिससे लोगों को आधार केंद्रों पर लंबी कतारों में लगने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। केवल बायोमेट्रिक अपडेट, जैसे फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन, के लिए ही केंद्र पर जाना आवश्यक होगा। अब विभिन्न सरकारी डाटाबेस — जैसे राशन कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट या मनरेगा रिकॉर्ड — से स्वचालित सत्यापन किया जाएगा।

फीस ढांचे में बदलाव
आधार से जुड़ी सेवाओं के लिए शुल्क संरचना में भी परिवर्तन किया गया है। अब बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट एक वर्ष तक निशुल्क रहेंगे। वहीं, नाम, पता या मोबाइल नंबर में संशोधन कराने पर 75 रुपये देने होंगे। यदि कोई व्यक्ति अपने बायोमेट्रिक विवरण — जैसे फोटो, फिंगरप्रिंट या आइरिस — को अपडेट करना चाहता है, तो इसके लिए 125 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। ऑनलाइन दस्तावेज़ अद्यतन प्रक्रिया 14 जून 2026 तक मुफ्त रहेगी, जिसके बाद उस पर 75 रुपये फीस लगेगी। आधार कार्ड की रीप्रिंट सेवा का शुल्क 40 रुपये तय किया गया है।

आधार-पैन लिंकिंग की समयसीमा तय
जो लोग अभी तक अपने पैन कार्ड को आधार से नहीं जोड़ पाए हैं, उन्हें 31 दिसंबर 2025 तक यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इस तारीख के बाद गैर-लिंक पैन कार्ड निष्क्रिय घोषित किए जा सकते हैं। इससे निवेश, बैंकिंग और टैक्स से संबंधित कई सेवाएं प्रभावित होंगी। विशेषज्ञों ने नागरिकों को चेताया है कि समय रहते यह कार्य पूरा करना अत्यंत आवश्यक है।

जीएसटी संरचना में बड़ा परिवर्तन
वस्तु एवं सेवा कर (GST) के ढांचे में भी सरकार ने व्यापक बदलाव किए हैं। अब 12% और 28% के पुराने टैक्स स्लैब को समाप्त कर दिया गया है। उनकी जगह एक नया 40% टैक्स दर लागू की गई है, जो मुख्य रूप से लग्जरी वस्तुओं और हानिकारक उत्पादों (सिन गुड्स) पर लागू होगी। बाकी 5% और 18% के स्लैब यथावत रखे गए हैं। सरकार का दावा है कि यह परिवर्तन टैक्स प्रणाली को सरल बनाने और अनुपालन में सुधार लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

पेंशनभोगियों के लिए प्रमाण पत्र की अंतिम तिथि
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अब इस माह के अंत तक अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र जमा कराना होगा। यह कार्य बैंक शाखा या “जीवन प्रमाण पोर्टल” के माध्यम से ऑनलाइन भी किया जा सकता है। ऐसा न करने पर उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी जा सकती है।

अब बैंक खातों में चार नॉमिनी जोड़ने की सुविधा
बैंकिंग व्यवस्था में भी एक अहम सुधार लागू हुआ है। अब खाताधारक अपने बैंक खाते में चार नामांकित व्यक्तियों (Nominees) को जोड़ सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य दावा निपटान (Claim Settlement) की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाना है। इससे मृत्यु या आपात स्थिति में वारिसों को धन प्राप्त करने में कठिनाई नहीं होगी।

इन बदलावों से नागरिकों को लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि ये सभी परिवर्तन नागरिकों के दैनिक जीवन को अधिक सुगम बनाएंगे। डिजिटल सेवाओं पर जोर देने से न केवल समय और श्रम की बचत होगी, बल्कि सरकारी प्रक्रियाएं भी पारदर्शी और जवाबदेह बनेंगी।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox