कैसे पिता के सामने डूब गया इकलौता बेटा? गोरखपुर में नाव हादसे से मचा मातम

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February 14, 2026

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कैसे पिता के सामने डूब गया इकलौता बेटा? गोरखपुर में नाव हादसे से मचा मातम

-नदी में पलटी यात्रियों से भरी नाव, मचा हाहाकार

गोरखपुर/उमा सक्सेना/-     गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र के करही घाट पर शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब यात्रियों से भरी नाव अचानक तेज धार में पलट गई। नाव में आठ लोग और पांच मोटरसाइकिलें सवार थीं। सभी राजधानी गांव से करही की ओर जा रहे थे। हादसे में जोगिया गांव निवासी मदनेश चतुर्वेदी का 17 वर्षीय इकलौता पुत्र कृष कुमार चतुर्वेदी नदी की गहराई में समा गया।

पिता ने की बेटे को बचाने की कोशिश, पर किस्मत ने साथ न दिया
इस हादसे का सबसे मार्मिक पल तब आया जब पिता मदनेश चतुर्वेदी खुद उसी नाव पर मौजूद थे। उन्होंने अपने बेटे को बचाने के लिए पूरा जोर लगाया, लेकिन तेज धार के बीच वह केवल अपने भतीजे ओम को ही पकड़ पाए और उसे किनारे तक खींच लाए। जब तक उन्होंने अपने बेटे की ओर दोबारा हाथ बढ़ाया, तब तक वह नदी की लहरों में गायब हो चुका था।

हादसे की वजह बनी तेज धार और नाव पर अधिक भार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव पर ज्यादा भार था और नदी की धार भी काफी तेज थी। बताया जा रहा है कि सवारियां नीचे उतर ही रही थीं कि नाव चालक ने इंजन स्टार्ट कर दिया। नाव कुछ दूरी पर बने ठोकर से टकरा गई, जिससे उसका एक हिस्सा टूट गया और नाव में पानी भरने लगा। देखते ही देखते नाव डूबने लगी और सवारों में अफरा-तफरी मच गई।

कई लोगों ने कूदकर बचाई जान, किशोर बह गया
कई लोगों ने कूदकर अपनी जान बचा ली, जबकि बसुही गांव निवासी विशाल ने कुछ यात्रियों को बचाने में अहम भूमिका निभाई। लेकिन किशोर कृष कुमार गहरे पानी में बह गया। स्थानीय गोताखोरों और पुलिस टीम ने करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद शव को नदी से बाहर निकाला।

पुल निर्माण की मांग अब भी अधूरी
ग्रामीणों का कहना है कि करही घाट पर नदी पार करने का एकमात्र साधन यही नाव है। लोग लंबे समय से यहां पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। हादसे के बाद गांव में मातम छाया हुआ है और ग्रामीणों में आक्रोश है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
कृष कुमार बड़ोदरा में रहकर हायर सेकेंडरी की पढ़ाई कर रहा था और क्रिकेटर बनने का सपना देख रहा था। पांच साल पहले उसकी बड़ी बहन की भी बीमारी से मौत हो चुकी थी। अब परिवार के पास कोई संतान नहीं बची। इस घटना के बाद पूरे गांव में कोहराम मचा है और लोग परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं।

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