मानसी शर्मा /- उत्तर प्रदेश के बरेली में जुमे के दिन हुए हिंसक प्रदर्शन ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। पुलिस ने इस मामले में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को मुख्य आरोपी बनाया है। पुलिस का कहना है कि मौलाना की अपील पर बड़ी संख्या में भीड़ इकट्ठा हुई और माहौल बिगड़ गया। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी, तोड़फोड़ और पुलिस पर हमले की घटनाएं हुईं, जिसके कारण पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
एफआईआर में गंभीर आरोप
पुलिस की एफआईआर में दावा किया गया है कि यह हिंसा अचानक नहीं हुई, बल्कि पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा थी। मौलाना तौकीर रजा और उनके सहयोगियों ने इस प्रदर्शन की योजना बनाई। भीड़ में शामिल लोग कह रहे थे कि “मौलाना ने आज शहर का माहौल बिगाड़ने का निर्देश दिया है, चाहे पुलिस पर हमला क्यों न करना पड़े।”
उकसाने वाले नारे और हथियारबंद प्रदर्शन
हिंसक प्रदर्शनकारियों ने “गुस्ताख-ए-नबी की एक सजा, सर तन से जुदा” जैसे नारे लगाए। पुलिस पर अवैध हथियारों से हमला किया गया और कांच की बोतलों में पेट्रोल भरकर बम बनाए गए। कई पुलिसकर्मी घायल हुए, और उनके बैच और डंडे छीने गए।
पुलिस की कार्रवाई और इंटरनेट सेवा बहाली
पुलिस ने अब तक 49 लोगों को गिरफ्तार किया है। कुल 10 एफआईआर में 180 लोगों को नामजद और लगभग 2500 अज्ञात प्रदर्शनकारियों को आरोपी बनाया गया है। हिंसा के बाद बंद की गई इंटरनेट सेवाएं धीरे-धीरे बहाल की जा रही हैं। वाई-फाई और एसएमएस सेवाएं शुरू हो गई हैं और दोपहर बाद मोबाइल इंटरनेट भी चालू होगा।


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