मानसी शर्मा /- ब्रिटेन में रहने वाले सभी लोगों के लिए अब डिजिटल आईडी कार्ड रखना जरूरी होगा। सरकार ने अवैध रूप से रह रहे लोगों और शैडो इकोनॉमी पर शिकंजा कसने के लिए यह कदम उठाया है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा करेंगे। इस डिजिटल पहचान पत्र को ‘ब्रिटकार्ड’ नाम दिया गया है।
नियम का उद्देश्य
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस योजना का मकसद अवैध प्रवासन पर रोक लगाना और उन लोगों की पहचान करना है जो बिना अधिकार के ब्रिटेन में रह रहे हैं।
क्या है ब्रिटकार्ड?
हालांकि अभी इसे पूरी तरह अनिवार्य नहीं बताया गया है, लेकिन नौकरी पाने या घर किराए पर लेने के लिए यह जरूरी होगा। यानी अप्रत्यक्ष रूप से इसके बिना काम चलना मुश्किल होगा। ब्रिटकार्ड यह साबित करेगा कि किसी व्यक्ति को ब्रिटेन में रहने और काम करने का अधिकार है। इसके लिए हर नागरिक को एक विशिष्ट पहचान संख्या दी जाएगी।
फायदे और उपयोग
इस डिजिटल आईडी से कंपनियों और मकान मालिकों को किसी भी व्यक्ति की वैधता की जांच करना आसान हो जाएगा। यह कार्ड GOV.UK वॉलेट ऐप में स्मार्टफोन पर सेव रहेगा और सीधे एक केंद्रीय डेटाबेस से जुड़ा होगा। जिन लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं हैं, उनके लिए अलग वैकल्पिक पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
ब्रिटकार्ड का उपयोग सिर्फ काम और रहने के अधिकार की पुष्टि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आयु प्रमाण पत्र की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकेगा—जैसे शराब खरीदने जैसी स्थितियों में।


More Stories
लाहौरी गेट थाना पुलिस ने सुलझाया सेंधमारी का मामला, शातिर चोर गिरफ्तार
वजीराबाद क्षेत्र में सक्रिय कुख्यात वाहन चोर गिरफ्तार, तीन मामलों का खुलासा
सस्पेंशन पर टकराव: अनिल विज का एसपी को सख्त संदेश, ‘अधिकार नहीं तो पद छोड़ें’
दिल्ली खेल महाकुंभ का आगाज़, 30 हजार खिलाड़ियों को मिलेगा मंच
हरियाणा में सियासी हलचल, सांसद कुमारी सैलजा ने सीएम सैनी को भेजा मांगों से भरा पत्र
Assam: पीएम मोदी ने बढ़ाई वायुसेना की ताकत, शुरू हुई पहली आपात लैंडिंग सुविधा