नजफगढ़ मेट्रो न्यूज/ शिवकुमार यादव/- दिल्ली के तिलक नगर थाना क्षेत्र में 2022 में हुई एक सनसनीखेज हत्या के आरोपी को अंततः AGS क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। यह हत्या एक ज़ोमैटो डिलीवरी बॉय सागर सिंह (29 वर्ष) की थी, जिसे आरोपी सुरजीत सिंह और उसके साथी हर्षदीप सिंह ने मिलकर चाकू से वार कर हत्या कर दी थी। इस हत्या के बाद सुरजीत सिंह फरार हो गया था और उसे पुलिस द्वारा घोषित अपराधी भी कर दिया गया था।
घटना का विवरण
15 जून 2022 को तिलक नगर के कृष्ण पुरी इलाके में सागर सिंह की हत्या की गई। इस हत्या का कारण एक मामूली विवाद था, जब सागर सिंह को आरोपी हर्षदीप ने धूम्रपान करने से मना किया था। इससे दोनों के बीच कहासुनी हो गई और गुस्से में आकर हर्षदीप ने सागर पर हमला किया। उसके बाद सुरजीत ने मिलकर सागर की छाती में चाकू घोंप दिया। घटना के बाद हर्षदीप को पुलिस ने तुरंत पकड़ लिया, लेकिन सुरजीत सिंह मौके से फरार हो गया और वह पंजाब के बटाला क्षेत्र में छिप गया।
फरार आरोपी की खोज
सुरजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कड़ी मेहनत की और पंजाब में उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। एजीएस क्राइम ब्रांच की टीम ने लगातार सात दिनों तक बटाला और अन्य आसपास के क्षेत्रों में तफ्तीश की। पुलिस ने तकनीकी निगरानी का भी इस्तेमाल किया, जिसमें संदिग्ध फोन कॉल्स और इंटरनेट डेटा का विश्लेषण किया गया। इसके परिणामस्वरूप पुलिस को सुरजीत सिंह के बटाला में छिपे होने की जानकारी मिली, जहां उसे गिरफ्तार किया गया।
आरोपी का रूप बदलना
गिरफ्तारी से बचने के लिए सुरजीत सिंह ने अपना हुलिया बदल लिया था। उसने निहंग सिख की तरह अपनी पहचान बना ली थी और विभिन्न धार्मिक डेरों में छिपा था। यह उसका तरीका था ताकि पुलिस उसकी पहचान न कर सके। लेकिन AGS क्राइम ब्रांच की टीम ने अपनी सूझबूझ से उसे पकड़ने में सफलता पाई।
आरोपी का परिचय
सुरजीत सिंह दिल्ली के तिलक नगर क्षेत्र का रहने वाला था और उसने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई तिलक नगर के सरकारी स्कूल से की थी। बाद में उसने एक शीशे की दुकान पर काम करना शुरू किया। वहीं उसकी मुलाकात हर्षदीप सिंह से हुई, जो पहले से अपराधी गतिविधियों में शामिल था। दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर दोनों ने मिलकर सागर सिंह की हत्या को अंजाम दिया। घटना के बाद सुरजीत सिंह दिल्ली छोड़कर पंजाब चला गया और वहां अपनी पहचान बदलकर जीवन जीने लगा।
गिरफ्तारी और पुलिस की कार्रवाई
इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार के नेतृत्व में AGS क्राइम ब्रांच की टीम ने सुरजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए एक कुशल रणनीति बनाई। टीम ने दिल्ली और पंजाब में कई जगहों पर छापेमारी की और अंततः उसे बटाला के मडियावल गांव के पास गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद सुरजीत ने अपनी हत्या की वारदात को कबूल किया और पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया।
निष्कर्ष
AGS क्राइम ब्रांच की टीम ने इस मामले में बेहतरीन काम किया और सुरजीत सिंह जैसे कुख्यात अपराधी को पकड़ने में सफलता पाई। यह गिरफ्तारी न केवल दिल्ली पुलिस की कड़ी मेहनत और समर्पण को दर्शाती है, बल्कि यह भी सिद्ध करती है कि कोई भी अपराधी कानून से बचकर नहीं रह सकता। सुरजीत सिंह की गिरफ्तारी से इस मामले का पटाक्षेप हुआ और पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जागी।


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