नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- सय्यद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2024 में दिल्ली क्रिकेट टीम ने एक ऐसा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है, जिसे देखकर क्रिकेट जगत भी हैरान रह गया। दिल्ली पहली टीम बन गई है, जिसके सभी 11 खिलाड़ियों ने किसी टी20 मैच में गेंदबाजी की।
दरअसल, यह ऐतिहासिक मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मणिपुर के खिलाफ खेला गया था, जिसमें दिल्ली ने सभी 11 खिलाड़ियों को गेंदबाजी का मौका दिया। यह पहली बार है जब टी20 क्रिकेट में ऐसा हुआ हो।
कैसे बना यह रिकॉर्ड?
मणिपुर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया और 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 120 रन बनाए। दिल्ली के कप्तान आयुष बदोनी ने इस मैच में विकेटकीपिंग के साथ गेंदबाजी का भी जिम्मा उठाया। दिल्ली के सभी 11 खिलाड़ियों ने गेंदबाजी की, जिसमें हर्ष त्यागी, दिग्वेश राठी और मयंक रावत ने तीन-तीन ओवर डाले, जबकि आयुष सिंह, अखिल चौधरी और आयुष बदोनी ने दो-दो ओवर डाले। बाकी के खिलाड़ियों में आर्यन राणा, हिम्मत सिंह, प्रियांश आर्या, यश धुल और अनुज रावत ने एक-एक ओवर की गेंदबाजी की।
दिल्ली के गेंदबाजों का प्रदर्शन
दिल्ली के गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। हर्ष त्यागी (2/11) और दिग्वेश राठी (2/8) ने दो-दो विकेट लिए, जबकि आयुष सिंह (1/7) और प्रियांश आर्य (1/2) ने एक-एक विकेट लिया। मयंक रावत, हिम्मत सिंह और अनुज रावत को कोई विकेट नहीं मिला, और उनका इकॉनमी रेट 10 से अधिक रहा।
मणिपुर की बल्लेबाजी
मणिपुर की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए शुरुआत में ही संघर्ष करती नजर आई। टीम ने 41 रन तक आते-आते छह विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद कप्तान रेक्स राजकुमार और विकेटकीपर अहमद शाह ने टीम को संभाला। अहमद शाह ने 32 रन बनाए, जबकि उलेनयई ने 19 रनों का योगदान दिया।
टी20 क्रिकेट में पहली बार हुआ ऐसा
टी20 क्रिकेट में इससे पहले कई टीमों ने 9 गेंदबाजों का इस्तेमाल किया था, लेकिन सभी 11 खिलाड़ियों को गेंदबाजी का मौका देने का यह पहला मामला है। इससे पहले, 2002 में सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 10 खिलाड़ियों से गेंदबाजी करवाई थी, लेकिन वह मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ था।
इस अनोखे रिकॉर्ड के साथ दिल्ली ने क्रिकेट की दुनिया में एक नई मिसाल कायम की है।
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