RBI Action: एक्शन मोड में आरबीआई, 2 NBFC का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट हुआ रद्द

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RBI Action: एक्शन मोड में आरबीआई, 2 NBFC का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट हुआ रद्द

नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- आरबीआई अब एनबीएफसी के लिए बनाई गई गाइडलाइंस को लेकर काफी सख्त हो गई है। अगर कोई एनबीएफसी उसे फॉलो करता हुआ नहीं पाया गया, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आरबीआई ने दो कंपनियों पर गाइडलाइन फॉलो न करने को लेकर बड़ा एक्शन लिया है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अब एक्शन मोड में आ गया है।  जहां एक ओर आरबीआई बैंकों के खिलाफ लापरवाही बरतने पर जुर्माना लगा रहा है। वहीं दूसरी ओर नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट तक कैंसल रहा है। ऐसी ही दो कंपनियों के खिलाफ आरबीआई ने बड़ा एक्शन लिया है और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट कैंसल कर दिया है। कंपनियां आरबीआई की गाइडलाइन को फॉलो नहीं कर रही थीं। जिसकी वजह से कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर वो कौन सी दो कंपनियां हैं जिनके खिलाफ आरबीआई ने एक्शन लिया है।

इन कंपनियों पर कार्रवाई
आरबीआई ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों यानी एनबीएफसी स्टार फिनसर्व इंडिया लिमिटेड और पॉलीटेक्स इंडिया लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आरबीआई ने दोनों एनबीएफसी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट कैंसिल कर दिया। आरबीआई के अनुसार दोनों की कंपनियों की ओर से इररेगुलर लेंडिंग प्रैक्टिस की जा रही थी। जिसकी वजह से इन नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों को जारी सर्टिफिकेट ऑफ रजिस्ट्रेशन यानी सीओआर कैंसल किया है। आरबीआई की इस कार्रवाई को काफी बड़ा माना जा रहा है। साथ ही संदेश देने की कोशिश की है कि कोई भी एनबीएफसी ऐसा कुछ करेगा तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कंपनियों ने फॉलो नहीं की गाइडलाइंस
आरबीआई के मुताबिक स्टार फिनसर्व इंडिया लिमिटेड पर जो आरोप है वो ये है कि कंपनी ने अपने डिजिटल लैंडिंग ऑपरेशन में फाइनेंशियल सर्विसेज की आउटसोर्सिंग में कोड ऑफ कंडक्ट पर आरबीआई की गाइडलाइन को नजरअंदाज किया है। इस आरोप के तहत कंपनी ने मुख्य फैसले लेने वाले फंक्शन जैसे क्रेडिट अप्रूवल, लोन स्क्रीनिंग के अलावा साथ केवाईसी वेरिफिकेशन प्रोसेस को सर्विस प्रोवाइडर के थ्रू आउटसोर्स किया।

इसके अलावा कंपनी ने कस्टमर का डाटा सर्विस प्रोवाइडर को देकर गोपनीयता और कस्टमर डिटेल की सेफ्टी पर आरबीआई की गाइडलाइन का उल्लंघन किया है। साथ ही कंपनी ने अपने कस्टमर्स को वर्नाकुलर लैंग्वेज में लोन एग्रीमेंट और सैंक्शन लेटर की कॉपी उपलब्ध न कराकर भी आरबीआई की गाइडलाइन नहीं मानी है। वहीं दूसरी ओर पॉलीटेक्स इंडिया लिमिटेड को लेकर आरबीआई ने कहा कि कंपनी ने क्लाइंट सोर्सिंग, नो योर कस्टमर यानी केवाईसी वेरिफिकेशन, लोन डिसबर्सल, लोन रिकवरी पर गाइडलाइन्स को फॉलो नहीं किया है।

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