मुंबई/नई दिल्ली/सिमरन मोरया/- महाराष्ट्र के पुणे में हुए पोर्श कांड के आए दिन नए नए खुलासे हो रहे हैं। वहीं अब इस मामले में आरोपी के दादा सुरेंद्र अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बात की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी के दादा को ड्राइवर को धमकाने और घटना वाले दिन उसको घर में किडनैप करके रखने के मामले में गिरफ्तारी हुई है। पुलिस के अनुसार, ड्राइवर ने सुरेंद्र अग्रवाल के खिलाफ पुलिस शिकायत दायर की है जिसके आधार पर उनके खिलाफ अपहरण और धमकी देने का केस दर्ज कर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने बताया कि ‘पोर्श कार हादसे के मामले में सबूतों से छेड़छाड़ कर यह दिखाने की कोशिश की गई कि हादसे के समय गाड़ी 17 वर्षीय लड़का नहीं, बल्कि उसका ड्राइवर चला रहा था।’अमितेश कुमार ने कहा कि ‘उनकी यह कोशिश नाकाम रही, क्योंकि हमारे पास उसके (किशोर के) पब में शराब पीने के सीसीटीवी फुटेज हैं। कहने का मतलब यह है कि हमारा मामला केवल खून की रिपोर्ट पर निर्भर नहीं है और हमारे पास दूसरे सबूत भी हैं।’
‘पुलिसकर्मियों की ओर से चूक हुई’
उन्होंने कहा कि आंतरिक जांच में इस बात की ओर इशारा हुआ है कि मामला दर्ज करने में कुछ पुलिसकर्मियों की ओर से चूक हुई। पुलिस अधिकारी ने कहा कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आगे कहा, ‘हमारी जांच के दौरान यह बात साफ हो गई है कि किशोर ही कार चला रहा था और हमने घटनाक्रम से संबंधित सभी जरूरी साक्ष्य जुटा लिए हैं।
जांच पड़ताल जारी
उदाहरण के लिए जब किशोर घर से निकला था तो रजिस्टर में उसके कार के साथ घर से निकलने की एंट्री है।’कुमार ने कहा कि ‘ऐसा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है कि रविवार तड़के तीन बजे के आसपास जब शहर के कल्याणी नगर इलाके में पोर्श कार से दो लोगों को टक्कर लगी थी तब कार किशोर नहीं उसके परिवार का एक ड्राइवर चला रहा था। हम इन बातों की जांच कर रहे हैं और ऐसी कोशिश करने वालों के खिलाफ आईपीसी की धारा 201 (सबूत नष्ट करना) के तहत कार्रवाई करेंगे।’


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