ऑगर मशीन हुआ फेल, अफसरों के बीच निराशा,आखिर कैसे निकलेंगे मजदूर?

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 15, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

ऑगर मशीन हुआ फेल, अफसरों के बीच निराशा,आखिर कैसे निकलेंगे मजदूर?

मानसी शर्मा/- उत्तराखंड के उत्तरकाशी में हुए टनल हादसे में फंसे मजदूर अब तक बाहर नहीं आ सके हैं। बता दें कि उत्तरकाशी टनल हादसे को 14 दिन हो गए हैं। पिछले तीन दिन से देखा जाए तो ऐसा लग रहा था कि जल्द ही रेस्क्यू को पूरा कर लिया जाएगा और टनल के अंदर फसे 41 मजदूरों को बाहर निकाल लिया जायेगा। लेकिन, नतीजा अब तक जीरो है।

अभी के रेस्क्यू अभियान पर नजर डालें तो शुक्रवार रात से ही ड्रिलिंग का काम रुका है। ऑगर मशीन का ब्लेड मलबे में आए सरिए में फंस गया है। जिसके चलते पूरा रेस्क्यू अभियान ठप पड़ा है। सूत्रों की मानें तो तकरीबन 6 मीटर मलबे के अंदर ऑगर मशीन का ब्लेड फंसा हुआ है। इसे मैनुअल तरीके से काटकर निकाला जा रहा है और उसमें कई घंटे लगने का अनुमान है। इसके बाद ही दोबारा फ़िर से ऑगर मशीन अगर ठीक हो पाई तो ड्रिल हो पाएगी।

इस सवाल का जवाब अब  हर कोई जानना चाहता है लेकिन अफसरों के पास इसका कोई जवाब नहीं हैं। क्योंकि, नई अड़चनें मुसीबतें बढ़ा रही हैं। अब ऑगर मशीन के फेल होने के बाद अफसर और बचाव अभियान से जुड़े कर्मचारियों में भी निराशा है। अगर मैनुअल तरीके से ड्रिलिंग काम शुरू हुआ तो मजदूरों के रेस्क्यू में दो से तीन दिन और लग सकते हैं। हालांकि, वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम टनल में फंसे मजदूरों का हौसला जरूर बढ़ा रही है।

पिछ्ले तीन दिन से होरीजेंटल तरीके से ही ड्रिलिंग का काम हो रहा था। लेकिन इस तकनीक से रेस्क्यू अभियान में सफलता की उम्मीद नहीं दिख रही है। जिसकों बाद अब वर्टिकल तरीके से रेस्क्यू करने के लिए मशीनें भी ऊपर भेजी जा रही हैं। आठ-दस मीटर की ड्रिलिंग और बाकी है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox