पीएम मोदी ने असम को दी 14300 करोड़ की सौगात, कही यह बात

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
January 20, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

पीएम मोदी ने असम को दी 14300 करोड़ की सौगात, कही यह बात

-पीएम मोदी ने पूर्वोत्तर का पहला एम्स किया देश को समर्पित, भाजपा का मुख्य लक्ष्य देश सेवा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/गुवाहाटी/शिव कुमार यादव/- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम की राजधानी गुवाहाटी में एम्स का उद्घाटन किया। उन्होंने पूर्वोत्तर के पहले एम्स को देश को समर्पित करते हुए असम को 14300 करोड़ रुपये के विकास की सौगात दी। इसके अलावा उन्होंने तीन अन्य मेडिकल कॉलेजों का भी उद्घाटन किया। इसमें गुवाहाटी स्थित कोकराझार, नलवारी और नगांव महाविद्यालय और चिकित्सालय शामिल हैं। एम्स गुवाहाटी की आधारशिला मई 2017 में पीएम मोदी ने ही रखी थी। इसे 1120 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है।

असम को 3 नए मेडिकल कॉलेज भी मिले
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी  ने कहा कि आज उत्तर पूर्व को अपना पहला एम्स और असम को 3 नए मेडिकल कॉलेज मिले हैं।आईआईटी-गुवाहाटी के साथ मिलकर आधुनिक रिसर्च के लिए 500 बिस्तर वाले सुपर स्पेशलिटी वाले अस्पताल का भी शिलान्यास हुआ है। असम के लाखों-लाख साथियों तक आयुष्मान कार्ड पहुंचाने का काम मिशन मोड पर शुरू हुआ है। आईआईटी-गुवाहाटी के साथ मिलकर आधुनिक रिसर्च के लिए 500 बिस्तर वाले सुपर स्पेशलिटी वाले अस्पताल का भी शिलान्यास हुआ है। असम के लाखों-लाख साथियों तक आयुष्मान कार्ड पहुंचाने का काम मिशन मोड पर शुरू हुआ है। पिछले नौ साल में हमने इंफ्रा प्रोजेक्ट्स पर काम किया है और इसलिए हर कोई कनेक्टिविटी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की बात करता है। प्रधानमंत्री ने कहा, हम आपके सेवक होने की भावना से काम करते हैं, इसलिए नॉर्थ-ईस्ट हमें दूर भी नहीं लगता और अपनेपन का भाव भी बना रहता है। आज नॉर्थ-ईस्ट में लोगों ने विकास की बागडोर आगे बढ़कर खुद संभाल ली है। भारत के विकास के मंत्र को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।

विपक्ष पर भी साधा निशाना
उन्होंने कहा कि आज कल नई बिमारी देखने को मिल रही है। मैं देश में कहीं भी जाता हूं और 9 वर्षों में हुए विकास की चर्चा करता हूं तो उससे कुछ लोगों को परेशानी हो जाती है। वह शिकायत करते हैं कि दशकों तक उन्होंने भी देश पर राज किया, उन्हें श्रेय क्यों नहीं मिलता। श्रेय के भूखे लोगों और जनता की राज करने की भावना ने देश का बहुत अहित किया है।

बीते वर्षों में 15 नए एम्स पर काम शुरूः पीएम
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमने बीते वर्षों में 15 नए एम्स पर काम शुरू किया। इनमें से अधिकतर में इलाज और पढ़ाई दोनों सुविधा शुरू हो चुकी है। एम्स गुवाहाटी भी इसका परिणाम है कि हमारी सरकार जो संकल्प लेती है उसे सिद्ध करके दिखाती है। यह असम की जनता का प्यार है कि मुझे खींचकर ले आता है।

’राष्ट्र प्रथम, देशवासी प्रथम’ पर आधारित नीतिः पीएम मोदी
उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकारों में नीति, नीयत और निष्ठा किसी स्वार्थ से नहीं बल्कि ’राष्ट्र प्रथम, देशवासी प्रथम’ इसी भावना से हमारी नीतियां तय होती हैं। इसलिए हमने वोटबैंक की बजाए देश की मुश्किलों को कम करने पर ध्यान दिया। हमने लक्ष्य बनाया कि हमारी बहनों को इलाज के लिए दूर ना जाना पड़े। हमने तय किया कि किसी गरीब को पैसे के अभाव में अपना इलाज न टालना पड़े। हमने प्रयास किया कि हमारे गरीब परिवारों को भी घर के पास ही बेहतर इलाज मिले।

हिमंत बिस्व सरमा ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार सुबह करीब 11.30 बजे गुवाहाटी पहुंचे। गुवाहाटी हवाई अड्डे पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), गुवाहाटी और तीन अन्य मेडिकल कॉलेज का लोकार्पण किया। उन्होंने ‘आपके द्वार आयुष्मान’ अभियान की शुरुआत भी की। इस अवसर पर वे गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में बिहू नृत्य के विश्व रिकॉर्ड के भी साक्षी बनेंगे, जहां एक साथ 11 हजार से अधिक कलाकार एक साथ बिहू नृत्य करेंगे।

इन परियोजनाओं की आधारशिला रखी
प्रधानमंत्री ने ‘असम एडवांस्ड हेल्थ केयर इनोवेशन इंस्टीट्यूट’, पलाशबाड़ी और सुआलकुची को जोड़ने वाले ब्रह्मपुत्र नदी पर पुल और शिवसागर के ‘रंग घर’ के सौंदर्यीकरण कार्य की आधारशिला रखी। एम्स का निर्माण केंद्र द्वारा 1,123 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है और इसमें 1000 बिस्तरों वाला अस्पताल और 100 एमबीबीएस सीटें होंगी। पीएम मोदी ने एम्स परिसर से राज्य सरकार द्वारा निर्मित नलबाड़ी (615 करोड़ रुपये), नागांव (560 करोड़ रुपये) और कोकराझार (535 करोड़ रुपये) में तीन मेडिकल कॉलेजों का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।
                 प्रधानमंत्री ने आईआईटी गुवाहाटी परिसर के भीतर एक शोध अस्पताल की आधारशिला भी रखी, जिसे आईआईटी गुवाहाटी और असम सरकार द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया जाएगा, जो शुरुआत में 600 करोड़ रुपए का निवेश करेगा। पीएम मोदी ने 1.1 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए, जिन्हें हर साल पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर मिलेगा।

                 प्रधानमंत्री ने वर्चुअल रूप से तीन परियोजनाओं का उद्घाटन भी किया। इनमें असम पेट्रो-केमिकल्स लिमिटेड (एपीएल) द्वारा डिब्रूगढ़ के नामरूप में 500 टन प्रति दिन (टीपीडी) क्षमता वाला एक मेथनॉल संयंत्र है, जिसका निर्माण 1,709 करोड़ रुपए के निवेश से किया गया है। पीएम ने एक और बड़ी परियोजना लॉन्च की, वह ब्रह्मपुत्र पर पलासबाड़ी-सुआलकुची पुल है। प्रधानमंत्री ने राज्य में पुलिस अधिकारियों के लिए “असम कॉप“ मोबाइल-आधारित एप्लिकेशन भी लॉन्च किया।

प्लेटिनम जयंती समारोह में शामिल हुए पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी में गुवाहाटी उच्च न्यायालय के प्लेटिनम जयंती समारोह में शामिल हुए। इस मौके पर केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू, राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि गुवाहाटी हाई कोर्ट की 75 वर्ष की ये यात्रा एक ऐसे समय में पूरी हुई है जब  देश ने भी अपनी आजादी  के 75 वर्ष पूरे किए हैं ये हमारे लिए अब तक के अनुभवों को सहेजने का भी समय है और नए लक्ष्यों के लिए जरूरी बदलावों का भी अवसर है। ये एक ऐसी हाई कोर्ट है जिसके क्षेत्राधिकार का दायरा सबसे बड़ा है। असम के साथ-साथ आप अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड यानी 3 और राज्यों की भी सेवा की जिम्मेदारी निभाते हैं।

बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती है। हमारे संविधान के निर्माण में बाबा साहेब की मुख्य भूमिका रही है। संविधान में समाए समानता और समरसता के मूल्य ही आधुनिक भारत की नींव है। मैं इस पुण्य अवसर पर बाबा साहेब के चरणों में भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आज 21वीं सदी में हर भारतवासी के सपने और उसकी आकांक्षाएं असीम हैं।  इनकी पूर्ति में लोकतंत्र के एक स्तम्भ के तौर पर हमारी सशक्त और संवेदनशील न्यायतंत्र की भूमिका भी उतनी ही अहम है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox