दिल्ली/- रविवार को एयरपोर्ट ड्रेन और द्वारका के विभिन्न जलाशयों के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने कहा कि अगले मानसून तक एयरपोर्ट ड्रेन और द्वारका के विभिन्न जलाशयों का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना पर अब तेजी से काम चल रहा है।इन कामों के पूरा होते ही एयरपोर्ट पर जलजमाव की समस्या पूरी तरह से खत्म हो जायेगी।
उन्होने कहा कि दिल्ली सरकार की ओर से पेड़ों की कटाई की अनुमति नहीं दिए जाने से निर्माण कार्य में देरी हो चुकी है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना यहां के निर्माण कार्य की प्रगति को देखने के लिए अब तक तीन बार दौरा कर चुके हैं। इस बार तीसरे दौरे के दौरान उन्होंने 20 मई तक निर्माण कार्य पूरा करने का निर्देश भी दिया। दिल्ली विकास प्राधिकरण की ओर से इस परियोजना को मई 2023 में पूरा किए जाने से द्वारका क्षेत्र में जलजमाव की समस्या नहीं रह जाएगी।
मानसून के दौरान आइजीआइ एयरपोर्ट के 2 ड्रेन से बड़ी मात्रा में पानी निकलता है, जिसकी वजह से जलजमाव होता है। इससे यात्रियों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार हवाई जहाज की उड़ानें भी निरस्त करनी पड़ती है। आइजीआइ एयरपोर्ट के ड्रेन से वर्षा के समय प्रति सेकेंड 70 क्यूबिक मीटर पानी निकलता है। इसीलिए आइजीआइ एयरपोर्ट के परिसर और दीवार से सटे ड्रेन बनाकर सेक्टर 8 के नाले से होते हुए नजफगढ़ नाले से जोड़ा जाएगा। एयरपोर्ट का यह ड्रेन 20 मीटर चौड़ा और 2 मीटर गहरा होगा। अन्य 2 जलाशय सेक्टर 20 और 23 में विकसित किए जाएंगे, जिसकी संयुक्त क्षमता 25700 क्यूबिक मीटर होगी। सेक्टर 20 में प्रस्तावित अन्य एक जलाशय की क्षमता 20 हजार दो सौ 50 क्यूबिक मीटर और द्वारका सेक्टर 23 के जलाशय की क्षमता 62800 क्यूबिक मीटर है।


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