नये परिसीमन फार्मूले से गांवों का वर्चस्व होगा कम, घटेंगी सीटें

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
MTWTFSS
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930 
September 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नये परिसीमन फार्मूले से गांवों का वर्चस्व होगा कम, घटेंगी सीटें

-हर विधानसभा में होंगे 3 वार्ड, कुल 22 वार्ड होंगे कम

नई दिल्ली/- 2011 की मतगणना के आधार पर नये परिसीमन का खाका तैयार किया गया है। गुरुवार को परिसीमन समिति की बैठक में यह फैसला लिया कि हर विधानसभा में 3 वार्ड होंगे और 272 की बजाये अब 250 वार्ड बनाये जायेंगे। जिसकारण 22 वार्ड कम हो जायेंगे। प्रत्येक वार्ड की जनसंख्या (2011 की जनगणना के आधार पर) का आधार 65 हजार से अधिक होगा। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर पूरे क्षेत्र में यह जनसंख्या 10 फीसदी कम या ज्यादा हो सकती है। यह उस विधानसभा में कुल मतदाताओं व जनसंख्या के आधार पर तय होगा। हालांकि माना यह जा रहा है कि नये परिसीमन का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण आबादी पर पड़ेगा और जिसके चलते वार्डों में गांवों का वर्चस्व खत्म हो जायेगा। हालांकि अभी यह एक आंकलन ही है असल तस्वीर तो उस समय सामने आयेगी जब परिसीमन की रिपोर्ट पेश की जायेगी।

परिसीमन समिति के अध्यक्ष विजय देव ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार परिसीमन के बाद कुल 250 वार्ड बनाए जाएंगे। मौजूदा समय में कुल 272 वार्ड हैं, जिसमें 22 वार्ड कम हो जाएंगे। बैठक में परिसीमन से जुड़े सभी हितधारकों जनगणना संचालन निदेशालय, भारत सरकार, भू-स्थानिक दिल्ली लिमिटेड (जीएसडीएल), दिल्ली नगर निगम, राजस्व विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी को परिसीमन से जुड़े आंकड़े उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। चुनाव आयोग से विधानसभा वार पोलिंग स्टेशन व मतदाता, जनगणना संचालन निदेशालय से जनसंख्या के आंकड़े व जीएसडीएल से विधानसभा वार नक्शा उपलब्ध कराने को कहा गया है। एमसीडी समिति को सर्वे से लेकर अन्य जरूरी कामों में मदद करेगी।

केंद्र के निगम वार्डों के परिसीमन के फार्मूले से शहरी क्षेत्रों को फायदा हो सकता है। एमसीडी के वार्ड की संख्या में कटौती का असर अनधिकृत कॉलोनियों व ग्रामीण क्षेत्रों पर पड़ेगा। वार्ड की संख्या 272 से 250 करने से इन्हीं इलाकों में सीटों की संख्या कम हो सकती है। दरअसल, अभी दिल्ली के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में वार्ड की संख्या 3 से 7 हैं। शहरी क्षेत्रों की अधिकतर विधानसभा क्षेत्रों में तीन-तीन वार्ड हैं। जबकि ग्रामीण व अनधिकृत कॉलोनियों वाले विधानसभा क्षेत्रों में संख्या 4-7 के बीच है। केंद्र के नए फार्मूले के हिसाब से अब दिल्ली की प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 3 से 5 के बीच ही वार्ड हो सकते हैं। इसमें कोई भी वार्ड दो विधानसभा क्षेत्रों में नहीं होगा।

गृह मंत्रालय ने एक विधानसभा क्षेत्र में पांच वार्ड बनाने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्णय के मद्देनजर आबादी ही नहीं, बल्कि क्षेत्रफल के अनुसार शहरी क्षेत्र में छोटे गांव व अनधिकृत कॉलोनी बहुल विधानसभा क्षेत्रों में बड़े वार्ड बनेंगे। लिहाजा एमसीडी के वार्डों में क्षेत्रफल और आबादी का काफी बड़ा अंतर रहेगा।

इन क्षेत्रों में होंगे 3-3 वार्ड

शहरी क्षेत्र के आदर्श नगर, शकूर बस्ती, मॉडल टाउन, चांदनी चौक, मटिया महल, बल्लीमारान, करोल बाग, मोती नगर, राजेंद्र नगर, हरी नगर, तिलक नगर, जंगपुरा, कस्तूरबा नगर, मालवीय नगर, आरकेपुरम, अंबेडकर नगर, ग्रेटर कैलाश, कालकाजी, गांधी नगर आदि विधानसभा क्षेत्रों में पहले की तरह तीन-तीन वार्ड रहेंगे।

इन क्षेत्रों में कम हो सकते हैं

ग्रामीण व अनधिकृत कॉलोनी वाले विधानसभा क्षेत्र नरेला, बुराड़ी, बादली, रिठाला, बवाना, मुंडका, किराड़ी, विकासपुरी, उत्तम नगर, मटियाला, नजफगढ़, बिजवासन, देवली, बदरपुर, ओखला व करावल नगर में वार्डों की संख्या कम हो सकती है।

बड़े वार्ड के पार्षदों को बजट की होगी दिक्कत

एमसीडी के वार्डों के क्षेत्रफल और उनमें आबादी का अंतर होने का आम लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। दरअसल पार्षदों को बजट, कर्मचारी व कूड़ा उठाने के लिए वाहन एक समान मिलते है। इस कारण छोटे वार्डों में विकास कार्य के लिए बजट की दिक्कत नहीं होगी, जबकि बड़े वार्डों के पार्षदों को अपने इलाके की समस्याएं दूर कराने के लिए बजट की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

एमसीडी में होंगे 250 वार्ड

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एमसीडी के वार्डों की संख्या तय कर दी है। मंत्रालय ने दिल्ली राज्य चुनाव आयोग के आयुक्त की अध्यक्षता में बनाए गए आयोग को 250 वार्ड बनाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्रों में तीन से पांच वार्ड बनाने का आदेश दिया है। आयोग ने गत दिनों इस बारे में मंत्रालय से राय मांगी थी। वर्ष 2007 में एमसीडी में वार्डों की संख्या 134 से बढ़ाकर 272 की थी और जब से एकीकृत एमसीडी के साथ-साथ तीनों नगर निगमों में वार्डों की संख्या 272 ही थी, लेकिन अप्रैल माह में केंद्र सरकार ने तीनों नगर निगम का विलय करके एमसीडी बनाने के दौरान वार्डों की संख्या 272 से घटाकर 250 करने का निर्णय लिया।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox