शोध के बाद अरब देशों की बढ़ रही जैविक खाद में रूचि, कुवैत के बाद अब शारजहां ने दिया जैविक खाद का बड़ा आर्डर

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

शोध के बाद अरब देशों की बढ़ रही जैविक खाद में रूचि, कुवैत के बाद अब शारजहां ने दिया जैविक खाद का बड़ा आर्डर

-भारतीय जैविक किसान उत्पादक संघ की बड़ी सफलता, प्रदेश की 5 जिलों की गौशालाओं से भी निर्यात होगा गोबर का खाद

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/जयपुर/शिव कुमार यादव/- विदेशों में अब जैविक खाद के प्रति लोगों का नजरिया तेजी से बदल रहा हैं। अरब जगत में तो एक शोध के बाद जैसे गाय का गोबर खरीदने की होड़ सी लग गई हैं। कुवैत के कृषि वैज्ञानिकों के शोध के बाद पहले कुवैत ने 192 मीट्रिक टन गाय के गोबर की खाद का आर्डर दिया था और अब शारजहां ने इसमें रूचि दिखाते हुए 1000 मीट्रिक टन खाद का आर्डर दिया है। शारजहां के इस आर्डर को पूरा करने के लिए भारतीय जैविक किसान उत्पादक संघ 7 राज्यों की करीब 400 गौशालाओं से गोबर खरीदेगा। हालांकि राजस्थान गोधन के मामले में दूसरे नंबर पर आता है, राजस्थान में इस समय 1.39 करोड़ गायें हैं लेकिन इस आर्डर को पूरा करने के लिए दूसरे राज्यों की गौशालाओं को भी इसमें शामिल किया गया है जो भारतीय जैविक किसान उत्पादक संघ के तहत काम करेंगी और गाय के गोबर की आपूर्ति को पूरा करेंगी।  
                 विदेशों में विशेषकर अरब देशों को जैविक खेती बेहद रास आ रही है। जैविक खेती के गुणों व लाभों को देखते हुए विदेशी इसमें अपनी रूचि दिखा रहे हैं। मुस्लिम बहुल देश कुवैत के कृषि वैज्ञानिकों ने हाल ही में की गई रिसर्च में दावा किया था कि खेती के लिए गाय का गोबर बेहद उपयोगी है। इसके बाद पिछले माह जयपुर से कुवैत को 192 मेट्रिक टन गोवर भेजा गया था। कुवैत के बाद अब शारजाह ने भी 5 गुना अधिक गाय के गोबर की डिमांड की है। जयपुर के प्रताप नगर में स्थित श्री पिंजरापोल गौशाला सनराइज एग्रिलैंड डेवलपमेंट एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड को अब शाहजहां के लिए एक हजार मैट्रिक टन गोबर निर्यात का ऑर्डर मिला है। इसमें खास बात यह है कि इस बार सनराइज कंपनी जयपुर से ही नहीं बल्कि राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, टोंक और कोटा जिले के साथ-साथ सात अन्य राज्यों की करीब 400 गौशालाओं से भी देसी गाय का गोबर खरीदेगी।
गौरतलब है कि विदेशों में गोबर की मांग लगातार बढ़ रही है इसी के तहत प्रदेश की अन्य गौशालाओं से भी गोबर खरीद कर संघ उन्हें आर्थिक मजबूती प्रदान करने का प्रयास करेगा। इसी के तहत कोटा, टोंक, पाली, जोधपुर, बाड़मेर व जैसलमेर की करीब 200 गौशाला संचालकों ने गाय का गोबर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर सहमति प्रदान कर दी है। इसी के साथ तेलंगाना, महाराष्ट्र, तमिलनाड,ु गुजरात और मध्य प्रदेश की भी 150 से ज्यादा गौशालाओं ने गोबर उपलब्ध कराने पर सहमति दी है। उन्होंने कहा कि डिमांड के अनुसार राजस्थान की गौशाला उनसे प्राथमिकता के आधार पर गोबर खरीदेगी।

इस संबंध में भारतीय जैविक किसान उत्पादक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अतुल गुप्ता ने बताया कि उनकी कंपनी ने हाल ही में कुवैत को 192 मीट्रिक टन गाय के गोबर की खाद भेजी है। जिसके बाद से गल्फ कंट्रीज को अब गाय के गोबर से जैविक खेती के मायने समझ आने लगे हैं। इन देशों से गाय का गोबर खरीदने के लिए लगातार इंक्वायरी आनी शुरू हो गई है। कुवैत के बाद शारजहां ने गोबर की मांग की है। पहले के मुकाबले 5 गुना ज्यादा गोबर जाएगा, इसलिए प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों से भी मदद लेनी होगी। अगस्त के आखिरी तक यह आर्डर पूरा करना होगा। गोबर की उपयोगिता को देखते हुए हरियाणा व उत्तर प्रदेश की सरकारों ने पशुपालकों को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है। उन्होने कहा कि जैविक खेती के लिए गाय के गोबर का खाद सबसे उत्तम माना जाता हैं। इस आर्डर को पूरा करने के लिए हम दूसरी गौशालाओं से भी गोबर खरीदेंगे ताकि उनकी आर्थिक मदद हो सके और गायों की अच्छी देखभाल के लिए ज्यादा पैसा इक्ट्ठा हो सके।

बता दें कि 1 एकड़ जमीन को जैविक भूमि में बदलने के लिए करीब 3000 किलोग्राम अर्थात् 30 क्विंटल गोबर की आवश्यकता होती है। 20 वी पशु जनगणना के मुताबिक राजस्थान में कुल पशुधन 56.8 मिलियन यानी 5.68 करोड़ है। यह भारत में दूसरे स्थान पर है। इनमें से केवल 13.9 मिलियन गाय है। वहीं प्रदेश में कुल 3525 रजिस्टर्ड गोशालाओं में 11,70,537 गोवंश है। एक गाय 24 घंटे में करीब 8 से 10 किलोग्राम गोबर करती है। इस लिहाज से केवल गौशालाओं में 9 करोड़ 40 लाख 4 हजार 264 किलोग्राम गोबर रोजाना होता है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox