डॉलर के मुकाबले धराशायी हुआ रूपया, अब तक के सबसे निचले स्तर पर

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डॉलर के मुकाबले धराशायी हुआ रूपया, अब तक के सबसे निचले स्तर पर

-डॉलर के मुकाबले 52 पैसे दर्ज की गई गिरावट, आपकी जेब पर पड़ेगा गिरावट का असर

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/-  भारतीय मुद्रा में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को डॉलर के मुकाबले यह अब तक के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अमेरिकी मुद्रा में मजबूती के चलते रुपये में भारी गिरावट आई है। शुरुआती कारोबार में रुपया 52 पैसे की गिरावट के साथ 77.42 के स्तर पर आ गया।
              बड़ी गिरावट के साथ खुलने के बाद अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया कुछ ही देर में डॉलर के मुकाबले 77.17 पर खुला और कुछ ही देर में 77.42 पर आ गया। यह रुपये के पिछले बंद भाव के मुकाबले 52 पैसे की गिरावट है। यहां बता दें कि बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार का भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले 55 पैसे टूटकर 76.90 पर बंद हुई थी। इस बीच शेयर बाजार का बेंचमार्क इंडेक्स एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 1.06 फीसदी और बीएसई सेंसेक्स 1.09 फीसदी नीचे था।
                बता दें कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी लगातार कम होता जा रहा है, यह घटकर पहली बार 600 अरब डॉलर से नीचे पहुंच गया है। लगातार आठ हफ्ते से इसमें गिरावट दर्ज की जा रही है। बीती 29 अप्रैल को समाप्त हुए सप्ताह में फॉरेक्स रिजर्व 2.695 अरब डॉलर घटकर 597.73 अरब डॉलर रह गया है। इससे पहले 22 अप्रैल को खत्म हुए सप्ताह में 3.271 अरब डॉलर की कमी के साथ विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 600.423 अरब डॉलर पर आ गया था।
                 यहां आपको बता दें कि रुपये में गिरावट का सबसे ज्यादा बुरा असर उन क्षेत्रों पर होगा, जहां आयात किया जाता है। कच्चे तेल की बात करें तो अपनी जरूरत का 80 फीसदी कच्चा तेल भारत आयात करता है। ऐसे में रुपये की गिरावट से कच्चे तेल के आयात बिल में बढ़ोतरी होगी और विदेशी मुद्रा ज्यादा खर्च होगी। इसके अलावा उर्वरक और रसायन जिनका कि भारत बड़ा आयातक है वो रुपये की कमजोरी से महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक सामानों से लेकर आभूषण तक महंगे हो जाएंगे।

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