नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- होली के त्योहार को देखते हुए भारतीय रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को संभालने और सफर को सुगम बनाने के लिए इस बार बड़े पैमाने पर तैयारी की है। रंगों के पर्व पर लाखों लोग अपने घरों की ओर रुख करते हैं, ऐसे में ट्रेनों में सीट मिलना मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति से निपटने के लिए रेलवे ने देशभर में 1,410 से अधिक होली स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या 1,500 तक बढ़ाई जा सकती है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अतिरिक्त ट्रेनों की संख्या काफी ज्यादा है, जिससे यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।
रेल मंत्रालय के अनुसार अलग-अलग जोन में यात्रियों की मांग के आधार पर ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। पूर्व मध्य रेलवे इस सूची में सबसे आगे है, जहां से 285 विशेष ट्रेनें चलेंगी। पश्चिम रेलवे 231, मध्य रेलवे 209 और दक्षिण मध्य रेलवे 160 ट्रेनों का संचालन करेगा। उत्तर रेलवे से 108 और उत्तर पश्चिम रेलवे से 71 स्पेशल ट्रेनों की योजना बनाई गई है। इसके अलावा उत्तर मध्य, पूर्वोत्तर और पूर्व तटीय रेलवे भी दर्जनों अतिरिक्त ट्रेनें चलाकर कनेक्टिविटी मजबूत करेंगे। दक्षिण पश्चिम, पश्चिम मध्य और दक्षिण रेलवे सहित अन्य जोन में भी विशेष सेवाएं शुरू की जाएंगी ताकि किसी भी रूट पर यात्रियों को परेशानी न हो।
खासतौर पर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए रेलवे ने विशेष रणनीति तैयार की है। इन राज्यों से बड़ी संख्या में लोग त्योहार के दौरान सफर करते हैं, इसलिए केवल इसी क्षेत्र के लिए 285 ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। इन ट्रेनों में स्लीपर और जनरल कोच की संख्या बढ़ाई जाएगी, जिससे आम यात्रियों को ज्यादा सुविधा मिल सके। रेलवे का उद्देश्य वेटिंग लिस्ट कम करना, प्लेटफॉर्म की भीड़ नियंत्रित रखना और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई यह तैयारी यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।


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