पूर्वी दिल्ली/- उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए संप्रदायिक दंगे के दौरान दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की हत्या के मामले में भीड़ जुटाने वाली महिला रवीश (27) को उत्तर पूर्वी जिला पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला को अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था और दिल्ली पुलिस कमिश्नर की ओर से इसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। इसने भीड़ जमा करने के अलावा लोगों को दंगे के लिए उकसाने का काम भी किया था।
डीसीपी नॉर्थ.ईस्ट संजय सेन ने बताया कि सीएए.एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन के बाद हुए दंगे के दौरान 25 फरवरी 2020 को दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की दयालपुर थाना इलाके में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 5 मुख्य आरोपी थे, जो फरार चल रहे थे। इन्हें अदालत ने भगोड़ा घोषित किया हुआ था। इन्हीं में से एक रवीश थी।
इसकी गिरफ्तारी के लिए स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर हरीश चंद्र, एसआई अखिल चौधरी, एएसआई हरेंद्र सिंह, राजीव त्यागी, हेड कॉन्स्टेबल सचिन देव, सरवन, नितिन, कॉन्स्टेबल दीपक, महिला कॉन्स्टेबल संतोष आदि की टीम को लगाया गया। टीम पिछले एक महीने से इस पर काम कर रही थी।
टीम ने रवीश के कई कनेक्टिंग नंबर प्राप्त किए और इन नंबरों की निगरानी के आधार पर कई स्थानों नोएडा, जाफराबाद, सरिता विहार, गुरुग्राम में बारी.बारी से नजर रखी। इसी कड़ी में वीरवार को टीम को रवीश के बारे में सूवना मिली कि जिस कंपनी में काम करती है, वहां जा रही है। टीम ने नोएडा सेक्टर-.63 से शाम 5ः30 बजे रवीश को दबोच लिया।
दंगा करने के लिये भीड़ जुटाने वाली रवीश ने बीए तक पढ़ाई की है। उसे तकनीकी जानकारी भी है। इस कारण वह 2 सालों से जाफराबद इलाके में छिपकर रह रही थी और पुलिस के हाथ नहीं लग रही थी। इस दौरान वह नोएडा की एक कंपनी में नौकरी भी कर रही थी।


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