नई दिल्ली/शिवकुमार यादव/- मानसून के तेज बारिश में सड़कें जलमग्न हो जाती है। इलाके में पानी की सही निकासी न होने से सड़कें पानी से लबालब रहती है। ऐसे में इलाके में खुले सीवर के ढक्कन हादसों को न्योता दे रहे हैं। द्वारका सेक्टर-3 स्थित मधु विहार आरडब्ल्यूए के प्रधान रणबीर सिंह सोलंकी ने बताया कि मधु विहार वार्ड में सैकड़ों ऐसे सीवर के ढक्कन हैं, जो टूटे हुए हैं। उनका कहना है कि मधु विहार में सात ब्लॉक हैं। इसकी देखरेख दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के हाथों है। इस बाबत कई बार स्थानीय लोगों की शिकायत पर आरडब्ल्यूए ने डीजेबी को इसकी शिकायत कर चुके हैं। कई महीना बीत जाने के बाद भी अभी तक इन सीवरों के ढक्कन नहीं बदले गए। उन्होंने कहा कि बारिश का मौसम है। पानी से सड़के भर जाता है। इस दौरान वहां से गुजरने वाले लोगों को सीवर के टूटे ढक्कन नहीं दिखाई पड़ते, जिस कारण से दोपहिया वाहन व पैदल यात्री दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। इस बाबत आरडब्ल्यूए ने जल बोर्ड के मुख्य अभियंता अनिल कुमार शर्मा को एक ज्ञापन भी सौंपा है।

आरडब्ल्यूए के प्रधान ने रणबीर सोलंकी ने कहा कि मधु विहार के सातों ब्लॉकों में सरकारी सीवर की समुचित सफाई एवं रख रखाव जल बोर्ड के कर्मचारियों द्वारा नहीं करने के कारण ओवर फ्लो, जाम एवं गंदगी से यहां के लोग ग्रस्त हैं। सातों ब्लॉकों के लगभग सौ से अधिक सीवर के ढक्कन या तो टूटे हुए है या जाम होकर फंसे पड़े हैं। शिकायत करने पर यदि गाद निकाले भी जाते हैं तो कर्मचारी उन्हे भूल जाते हैं जिससे वहां पर गंदगी फैल जाता है। सीवर के अंदर पिट में प्लास्टर नहीं किए गए हैं जिससे भी पानी का रिसाव होता है। उन्होंने बताया कि मधु विहार के कई प्रमुख स्थानों पर जैसे दुर्गा माता मंदिर, छठ पूजा स्थल एवं सरकारी स्कूल के पास सीवर ओवरफ्लो से लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मुख्य अभियंता ने उनकी बातों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को कार्यान्वयन का आदेश दिया है।


More Stories
पालम में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर भव्य समारोह
दादा देव मंदिर में बैसाखी पर्व का भव्य आयोजन
करोल बाग में नकली ऑटो पार्ट्स रैकेट का भंडाफोड़, 2 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली में नकली कॉस्मेटिक्स गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार
जहांगीरपुरी में ‘नरेंद्र गैंग’ पर बड़ा प्रहार, दबोचे दो शातिर अपराधी
नोएडा में श्रमिकों की मांग रंग लाई, वेतन वृद्धि को मिली मंजूरी