नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/हरियाणा/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कृषि कानूनों पर देश में मची रार के बीच अब किसान आंदोलन को लेकर भाजपा नेताओं के मतभेद भी खुलकर सामने आने शुरू हो गए हैं। करनाल में किसानों पर किए गए लाठीचार्ज पर मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक ने किसानों का पक्ष लिया और सरकार द्वारा की गई कार्रवाई को गलत बताया था। लेकिन गर्वनर के इस बयान से भाजपाई चिढ़ गए हैं। ऐसा लग रहा है कि गवर्नर सत्यपाल मलिक द्वारा बोली गई बात सत्ता पक्ष को भी चुभ गई है। अपने बयानों और कारनामों के कारण अक्सर विवादों और सुर्खियों में रहने वाली भाजपा नेत्री सोनाली फोगाट ने गर्वनर के इस बयान पर नाराजगी जताते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की है और कहा कि अगर इतनी ही हमदर्दी है तो इस्तीफा देकर किसानों के साथ क्यों नही बैठ जाते हैं।
सोनाली फोगाट ने यहां तक कह दिया कि सत्यपाल मलिक को सत्ता सुख पसंद है, इसलिए वह पद पर बने हुए हैं। अगर उनको किसानों का पक्ष इतना ही पसंद है और कानून उनको पसंद नहीं हैं तो सत्यपाल मलिक अपने पद से इस्तीफा देकर किसानों के साथ क्यों नहीं बैठ जाते।
सोनाली फोगाट का कहना है कि सत्यपाल मलिक को हिंसा पसंद है और वह खून खराबा करवाना चाहते हैं, वह चाहते हैं कि मारकाट मचे। इसी कारण से उन्होने ऐसा बयान दिया है। ऐसा लग रहा है कि पद जाने के बाद सत्यपाल मलिक राजनीति करना चाहते हैं, इसी कारण से इस तरह के बयान दे रहे हैं।
सत्यपाल मलिक को पद से इस्तीफा देकर किसानों का नेतृत्व करके इनकी बात प्रधानमंत्री तक पहुंचानी चाहिए। बता दें कि करनाल में हुई हिंसा पर गवर्नर सत्यपाल मलिक ने सरकार की गलती बताई थी। उन्होंने कहा था कि इस पूरे प्रकरण के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल को माफी मांगनी चाहिए और ैक्ड के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ऐसी जगहों पर लगातार कार्यक्रम कर रहे हैं, जहां पर विरोध की प्रबल संभावना होती है। ऐसा लग रहा है कि मुख्यमंत्री हिंसा को भड़का रहे हैं।


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