नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) से सेवानिवृत्त जवानों के लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को आखिरकार सकारात्मक परिणाम मिल गया है। शांतिपूर्ण आंदोलनों, न्यायालयीन लड़ाई और निरंतर प्रयासों के बाद अब सीआईएसएफ के रिटायर्ड कर्मियों को मदिरा सुविधा उपलब्ध कराए जाने का रास्ता साफ हो गया है। यह सुविधा जल्द ही CLMS ऐप के माध्यम से लागू की जाएगी, जिससे पूर्व जवान देश के किसी भी नजदीकी सुरक्षा बल कैंटीन से इसका लाभ उठा सकेंगे।

हाईकोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से मिली मजबूती
इस मुद्दे को नई दिशा तब मिली जब केरल हाईकोर्ट ने 21 अक्टूबर 2025 को अपने ऐतिहासिक फैसले में रिटायर्ड सीआईएसएफ कर्मियों को मदिरा सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया। कोर्ट ने आईटीबीपी और सीआरपीएफ को नोडल एजेंसी बनाते हुए निर्देश दिए कि वे पूर्व सीआईएसएफ जवानों का डेटा साझा करें, ताकि उन्हें सुरक्षा बलों की कैंटीनों से यह सुविधा मिल सके। इस फैसले को रिटायर्ड कर्मियों के लिए बड़ी कानूनी जीत माना जा रहा है।
सीआईएसएफ डीजी से प्रतिनिधिमंडल की अहम मुलाकात
अलॉइंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सीआईएसएफ महानिदेशालय में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस बैठक में एडिशनल डीजी (हेडक्वार्टर) श्री विजय प्रकाश आईपीएस, आईजी एडम श्रीमती प्रतिभा अग्रवाल, डीआईजी श्रीमती रेखा नांबियार के अलावा पूर्व एडीजी सीआरपीएफ एचआर सिंह, पूर्व आईजी बीएसएफ विकास चंद्र, कोषाध्यक्ष वीएस कदम और सीआईएसएफ के रिजक राम भी मौजूद रहे।
छुट्टियों और जवानों के कल्याण का मुद्दा उठा
बैठक के दौरान एडीजी सीआरपीएफ एचआर सिंह ने सीआईएसएफ जवानों को मिलने वाली वार्षिक छुट्टियों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 30 दिनों की छुट्टी के बजाय 60 दिनों का विकल्प जवानों के सामने रखा जाना चाहिए। इस पर सीआईएसएफ मुख्यालय की ओर से बताया गया कि इस संबंध में पहले ही सर्वे कराया जा चुका है, जिसमें अधिकांश जवानों ने 30 दिन की छुट्टी के साथ 30 दिन की लीव एनकैशमेंट को प्राथमिकता दी है।
महासचिव रणबीर सिंह ने गृह मंत्री द्वारा जवानों को 100 दिनों की छुट्टी देने के वादे की याद दिलाते हुए सर्वे रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
अर्धसैनिक झंडा दिवस कोष की मांग
बैठक में अर्धसैनिक बलों के कल्याण और पुनर्वास को लेकर एक अहम प्रस्ताव भी रखा गया। एडीजी एचआर सिंह ने ‘CAPF फ्लैग डे फंड’ की स्थापना की मांग करते हुए कहा कि इससे रिटायर्ड जवानों, शहीदों के परिजनों और गैर-पेंशनधारकों को आर्थिक सहायता दी जा सकेगी। उन्होंने सेना झंडा दिवस कोष का उदाहरण देते हुए कहा कि जब पूर्व सैनिकों को इससे सैकड़ों करोड़ की मदद मिल सकती है, तो अर्धसैनिक बलों के लिए भी ऐसा कोष बनाया जाना चाहिए।
सेवारत जवानों के लिए भी उम्मीद
एसोसिएशन ने सीआईएसएफ डीजी का आभार जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि भविष्य में यह सुविधा न केवल रिटायर्ड बल्कि सेवारत जवानों को भी छुट्टी के दौरान उपलब्ध कराई जाएगी। प्रतिनिधियों का कहना है कि यह फैसला अर्धसैनिक बलों के सम्मान और कल्याण की दिशा में एक अहम कदम है, जो आने वाले समय में और सुधारों का आधार बनेगा।


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