
मानसी शर्मा /- नेपाल से शुरू हुए Gen-Z आंदोलन का असर धीरे-धीरे भारत तक पहुंचा। 24 सितंबर को लेह, लद्दाख में हुए प्रदर्शन में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर सरकार से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन हालात हिंसक हो गए।
फडणवीस का विवादित बयान
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने India Today से बातचीत में कहा कि “भारत का Gen-Z अपने काम में व्यस्त है, उनके पास प्रदर्शन का वक्त नहीं। जो लोग Gen-Z के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, उन्हें नेपाल चले जाना चाहिए।”
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह Gen-Z को अपनी राजनीति का हथियार बनाना चाहते हैं, जबकि भारतीय युवा स्टार्टअप, एआई और टेक्नोलॉजी में देश को आगे ले जाने में व्यस्त हैं।
लद्दाख में उबाल और प्रदर्शन
फडणवीस ने राहुल गांधी के प्रयासों को नाकाफी बताते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि Gen-Z से अपील करके कुछ हासिल किया जा सकता है, लेकिन भारतीय Gen-Z के लिए राहुल गांधी की अहमियत बहुत कम है।
लद्दाख में प्रदर्शन अभी भी जारी हैं और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यह स्पष्ट है कि Gen-Z अब सिर्फ ऑनलाइन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर भी बदलाव की मांग कर रहा है।





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