उत्तर प्रदेश/सिमरन मोरया/- लखनऊ यूनिवर्सिटी इन दिनों धार्मिक विवाद का अखाड़ा बन गई है। यहां दो समुदाय के लोग आमने-सामने हैं। लखनऊ यूनिवर्सिटी स्थित लाल बारादरी परिसर में छात्रों के एक गुट द्वारा नमाज पढ़ने के बाद हिन्दू संगठनों ने मंगलवार को यूनिवर्सिटी परिसर में हनुमान चालिसा का पाठ किया।
हनुमान चालिसा पाठ के दौरान भारी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया था। इस दौरान पुलिस से झड़प भी देखने को मिली। कड़ी मशक्कत के बाद भीड़ को मौके से हटाया गया। वहीं, आक्रोशित लोग बैरिकेड तोड़कर कैंपस में घुसने का प्रयास कर रहे थे।
दो पक्षों में तनाव
दूसरी तरफ लखनऊ पुलिस ने लाल बारादरी के पास नमाज पढ़ने और नारेबाजी करने को लेकर 13 छात्रों को नोटिस जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार इन सभी छात्रों ने निर्माण कार्य को बाधित किया और कानून-व्यवस्था को खतरे में डाला। प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि एक साल तक शांति व्यवस्था बनाए रखने की गारटी दें और मुचलकों के साथ जमानतदार को पेश करें। इससे पहले सोमवार यानी 23 फरवरी को छात्रों के एक गुट ने परिसर में नमाज पढ़ने का विरोध किया था। जिसके बाद दोनों गुट आमने-सामने आ गए थे। मामला गरमाता देख यूनिवर्सिटी प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों ने मामले को संभाल लिया।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, लखनऊ यूनिवर्सिटी का लाल बरादरी परिसर में दो पक्षों के बीच टकराव हुआ था। रविवार को छात्रों के एक पक्ष ने बैरिकेडिंग हटाकर वहां नमाज पढ़ी और इफ्तार किया। जिसका दूसरे पक्ष ने विरोध किया। बता दें कि एएसआई की रिपोर्ट के बाद प्रशासन इस जर्जर इमारत के संरक्षण का काम करा रहा है। जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है। छात्रों के एक गुट का तर्क है कि जब प्रशासन ने परिसर में सुंदरकांड और हनुमान चालिसा के पाठ को रोक दिया तो, नमाज की परमिशन क्यों दी गई। छात्रों ने लिखित पत्र देकर परिसर में नमाज पर रोक लगाने की मांग की है।


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