-लेकिन मायावती ईडी-सीबीआई और पेगासस के डर से नहीं आई, इस स्थिति को लोकतंत्र के लिए बताया घातक
नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली के जवाहर भवन में ’द दलित ट्रूथ’ नाम की एक किताब के उद्घाटन के लिए पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बताया उन्होंने कैसे दलित समाज के बारे में सोचना शुरू किया और ये भी बताया कि कैसे वह सत्ता के बीच में पैदा होने के बाद भी राजनीति में दिलचस्पी नहीं रखते। साथ ही उन्होंने मायावती, भाजपा और आरएसएस पर भी तीखा हमला बोला।
राहुल ने कहा कि मायावती इस बार चुनाव नहीं लड़ीं, भाजपा को खुला मैदान दे दिया। हमने उनसे गठबंधन करने को लेकर बात भी की और कहा कि मुख्यमंत्री बनिए लेकिन उन्होंने बात तक नहीं की। कांशीराम जी थे जिन्होंने दलितों की आवाज उठाई। मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं, भले ही उन्होंने कांग्रेस को उस वक्त नुकसान पहुंचाया लेकिन उन्होंने दलितों की आवाज उठाई। आज उन्हीं के खून पसीने से बनाई पार्टी की मायावती कहती हैं कि मैं चुनाव ही नहीं लड़ूंगी क्यों… क्योंकि इस बार उनके पीछे ईडी, सीबीआई और पेगासस सब थे।
उन्होंने ये भी कहा कि, कमजोर हो रही देश की संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत करने की भी बात कही। वह बोले कि अगर हमारे संस्थान कमजोर हुए तो देश भी कमजोर हो जाएगा। यहां उन्होंने एक बार फिर आरएसएस और भाजपा पर हमला बोला।


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