यूरोप के कई एयरपोर्ट पर साइबर अटैक से हड़कंप, यात्रियों को भारी परेशानी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 3, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

यूरोप के कई एयरपोर्ट पर साइबर अटैक से हड़कंप, यात्रियों को भारी परेशानी

-चेक-इन सिस्टम ठप, उड़ानों का संचालन प्रभावित

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-     यूरोप के प्रमुख हवाई अड्डों पर शनिवार को बड़ा साइबर हमला हुआ, जिसने हवाई सेवाओं की रफ्तार थाम दी। इस हमले के कारण लंदन, ब्रुसेल्स और बर्लिन जैसे व्यस्त एयरपोर्ट पर चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम अचानक ठप हो गए। नतीजतन सैकड़ों फ्लाइट्स देर से रवाना हुईं और हजारों यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा।

ब्रुसेल्स एयरपोर्ट ने अपनाई मैनुअल प्रक्रिया
ब्रुसेल्स हवाई अड्डा प्रबंधन के अनुसार, शुक्रवार देर रात उनके तकनीकी सेवा प्रदाता पर साइबर अटैक हुआ, जिससे सिस्टम पूरी तरह बाधित हो गया। मजबूरी में एयरपोर्ट स्टाफ को यात्रियों का चेक-इन और बोर्डिंग मैन्युअल रूप से करना पड़ा। इससे न केवल उड़ानों का समय गड़बड़ा गया बल्कि एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल भी देखने को मिला।

बर्लिन और हीथ्रो एयरपोर्ट भी बने निशाना
जर्मनी के ब्रांडेनबर्ग एयरपोर्ट ने भी पुष्टि की कि उनके नेटवर्क सिस्टम पर साइबर हमला किया गया, जिसके बाद सुरक्षा कारणों से उन्होंने अपने कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद कर दिए। वहीं लंदन का हीथ्रो एयरपोर्ट भी तकनीकी दिक्कतों से जूझता रहा। हीथ्रो प्रशासन ने बताया कि कॉलीन्स एयरोस्पेस, जो एयरलाइनों को चेक-इन और बोर्डिंग सुविधा उपलब्ध कराती है, इस हमले की चपेट में आई है।

यात्रियों से अपील: धैर्य रखें और फ्लाइट स्टेटस जांचते रहें
प्रभावित हवाई अड्डों ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे अपनी फ्लाइट्स की जानकारी लगातार ऑनलाइन चेक करते रहें और यात्रा की योजना उसी अनुसार बनाएँ। एयरपोर्ट प्रबंधन ने असुविधा के लिए खेद जताते हुए कहा कि स्थिति को सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।

सुरक्षा कड़ी, विशेषज्ञ सतर्क
साइबर हमले के बाद सभी प्रभावित एयरपोर्ट्स ने सुरक्षा प्रोटोकॉल और मजबूत कर दिए हैं। कई जगहों पर सिस्टम को अस्थायी तौर पर ऑफलाइन कर दिया गया है ताकि आगे और हमले न हो सकें। साइबर विशेषज्ञों की टीमें लगातार जांच में जुटी हैं और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox