यूपी में ओवैसी ने भी खेला ब्राह्मण कार्ड

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यूपी में ओवैसी ने भी खेला ब्राह्मण कार्ड

-यूपी में एआईएमआईएम ने पहली बार हिन्दू को बनाया अपना प्रत्याशी --24 साल सपा में रहे पंडित जी, टिकट नहीं मिला तो ओवैसी की पार्टी से लड़ रहे चुनाव

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/उत्तर प्रदेश/भावना शर्मा/- उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे ही चुनावी हलचल में भी तेजी आ रही है। जिसे देखते हुए नेता भी अपने बेहतर राजनीतिक भविष्य की तलाश में एक दल को छोड़ दूसरे दल में शामिल हो रहे हैं। वही राजनीतिक पार्टियां भी चुनावी फायदा उठाने के लिए ऐसे नेताओं को हाथोंहाथ अपनी पार्टी में शामिल कर रही है और मनमाफिक टिकट भी दे रही है। ऐसे में पिछले 24 साल से सपा में रहे पंडित मनमोहन झा उर्फ गामा ने साहिबाबाद से सपा की टिकट नही मिलने पर पार्टी छोड़कर आवैसी की पार्टी में शामिल हो गये और अब एआईएमआईएम की टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे है। ऐसे में ओवैसी ने भी यूपी में ब्राह्मण कार्ड खेलकर सबकों हैरान करते हुए पंडित मनमोहन को साहिबाबाद विधानसभा से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश की साहिबाबाद विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी ने अपने मौजूदा विधायक सुनील शर्मा को टिकट देकर चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि समाजवादी पार्टी ने अमरपाल शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में साहिबाबाद विधानसभा का चुनाव दिलचस्प हो गया है। .
                  असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के साहिबाबाद विधानसभा से प्रत्याशी पंडित मनमोहन झा गामा इन दिनों चर्चा में है। दरअसल हाल ही में पंडित मनमोहन गामा ने ओवैसी की एआईएमआईएम का दामन थामा और दामन थामने के चंद दिन बाद ही एआईएमआईएम ने गामा को साहिबाबाद विधानसभा से चुनावी मैदान में उतार दिया। मनमोहन गामा समाजवादी पार्टी छोड़कर ओवैसी की पार्टी में शामिल हुए है। वह .24 साल समाजवादी पार्टी में रहे। हाल ही में मनमोहन गामा ने समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पत्र लिख पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। मनमोहन गामा बताते है उन्होंने 1998 से वार्ड उपाध्यक्ष का सफल सफर तय करते हुए समाजवादी पार्टी के विभिन्न पदों पर रह पार्टी की तन मन धन से सेवा की। पार्टी की नीतियों को जन जन तक पहुचाने का प्रयास जारी रखा और पार्टी द्वारा निर्देशित कार्यक्रमों में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। कई बार जेल गए. गामा ने बताया उन्होंने साहिबाबाद विधानसभा से चुनाव लड़ने के लिए समाजवादी पार्टी में आवेदन किया था, लेकिन उनके आवेदन को पार्टी ने गंभीरता से नहीं लिया. जिसके बाद उन्होंने जिला उपाध्यक्ष और प्रभारी साहिबाबाद पद से त्यागपत्र पार्टी को भेज दिया। समाजवादी पार्टी के साहिबाबाद प्रत्याशी की घोषणा के बाद मनमोहन गामा का पार्टी छोड़ना और एआईएमआईएम का दामन थाम चुनाव लड़ना साफ संकेत देता है कि कहीं ना कहीं सपा से टिकट ना मिलने के चलते मनमोहन गामा ने सपा को अलविदा कह दिया. हालांकि मनमोहन गामा इससे पूरी तरह इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि समाजवादी पार्टी से इस्तीफा देने के पीछे कारण टिकट ना मिलना नहीं है। एआईएमआईएम ज्वाइन करने के बाद मनमोहन गामा दावा कर रहे हैं कि साहिबाबाद विधानसभा से वह भारी मतों से जीत दर्ज करेंगे। साथ ही साहिबाबाद समेत जिले की 4 विधानसभा सीटों से एआईएमआईएम जीत दर्ज करेगी। गामा का कहना है कि साहिबाबाद विधानसभा से उनकी टक्कर में कोई प्रत्याशी नहीं है। .गामा का कहना है कि साहिबाबाद विधानसभा में पूर्वांचल और बिहार के लोग केवल वोट देने के लिए नहीं बने हैं, उनके पास जनप्रतिनिधि बनने का भी विकल्प है। चुनावों से पहले मनमोहन गामा ने चुनावी नारा भी तैयार कर लिया है. चुनावी नारा है, “राजतिलक की करो तैयारी, आ रहा है एआईएमआईएम का सिपाही, गामा बिहारी.

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