माय भारत की पहल: CCRT में अंतरराज्यीय युवा कार्यक्रम का आगाज़

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

October 2026
MTWTFSS
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031 
October 19, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

-22 से 26 दिसंबर तक चलेगा माय भारत–CCRT का संयुक्त ISYEP कार्यक्रम

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-     माय भारत – दक्षिण पश्चिम दिल्ली और सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग (CCRT) के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराज्यीय आदान-प्रदान कार्यक्रम (ISYEP) का भव्य शुभारंभ CCRT, द्वारका परिसर में हुआ। यह पांच दिवसीय कार्यक्रम 22 से 26 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें राजस्थान के झुंझुनू, भरतपुर, दौसा, अलवर और सीकर जिलों से आए 40 युवा प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। प्रतिभागियों का आगमन 21 दिसंबर को हुआ, जिसके बाद उनका पंजीकरण, किट वितरण और औपचारिक स्वागत किया गया।

ओरिएंटेशन सत्र से हुई कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम के पहले दिन प्रतिभागियों के लिए एक विस्तृत ओरिएंटेशन सत्र आयोजित किया गया, जिसमें कार्यक्रम की रूपरेखा, उद्देश्य, अनुशासन, सुरक्षा दिशा-निर्देश और आगामी गतिविधियों की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य युवाओं को पूरे कार्यक्रम के लिए मानसिक रूप से तैयार करना और सहभागिता को अधिक प्रभावी बनाना रहा।

गरिमामय उद्घाटन समारोह, गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
ISYEP का औपचारिक उद्घाटन समारोह दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम् के साथ संपन्न हुआ। माय भारत दक्षिण पश्चिम दिल्ली की टीम द्वारा अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। उद्घाटन अवसर पर सांसद श्रीमती कमलजीत सेहरावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ डॉ. लाल सिंह (क्षेत्रीय निदेशक, माय भारत – उत्तर क्षेत्र), श्री प्रेम सिंह मीणा, आईएएस (अपर जिलाधिकारी, दक्षिण पश्चिम दिल्ली), डॉ. विनोद नारायण इंदुरकर (अध्यक्ष, CCRT द्वारका) और समाजसेवी श्रीमती अंजना सिंहा मौजूद रहीं। कार्यक्रम में जिला युवा अधिकारी द्वारा औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

युवाओं को मिला प्रेरणादायी मार्गदर्शन
डॉ. लाल सिंह ने प्रतिभागियों को कार्यक्रम का हिस्सा बनने पर बधाई देते हुए युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने जन्मदिन या किसी विशेष अवसर पर पौधारोपण करें और संविधान के मूल्यों का पालन करें। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवाओं को देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं।
डॉ. विनोद नारायण इंदुरकर ने युवाओं को भारतीय कला और संस्कृति से जुड़ने का आह्वान करते हुए रचनात्मकता को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।
समाजसेवी अंजना सिंहा ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया और पूरे कार्यक्रम के दौरान सहयोग का आश्वासन दिया।

सांसद ने युवाओं से संवाद कर दिया दिशा-निर्देश
सांसद श्रीमती कमलजीत सेहरावत ने प्रतिभागियों के प्रश्नों को सुना और उन्हें मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि ‘माय भारत’ प्रधानमंत्री की वह सोच है, जिसके माध्यम से देश के युवाओं को एक साझा मंच पर लाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति या सामाजिक नेतृत्व में आने का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसके लिए अनुशासन, सतत प्रयास और देशहित में कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से सामाजिक सरोकारों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के सकारात्मक उपयोग पर भी बल दिया।

ज्ञानवर्धक सत्रों से समृद्ध हुआ पहला दिन
पहले दिन तीन महत्वपूर्ण शैक्षणिक सत्र आयोजित किए गए। सत्र–1 में दिल्ली की विरासत और जनसांख्यिकीय संरचना पर आईआईटीएम जनकपुरी की प्रोफेसर डॉ. रामनदीप कौर ने व्याख्यान दिया। इसके बाद परिचय एवं आइस-ब्रेकिंग सत्र हुआ।
सत्र–2 में नेगोशिएशन, कम्युनिकेशन और रिपोर्टिंग विषय पर यंग प्रोफेशनल एवं मोटिवेशनल स्पीकर हर्षिता ने संवादात्मक सत्र लिया।
सांयकालीन सत्र–3 में युवा नीति निर्माण, शासन और सरकारी क्षेत्र में अवसरों पर यंग प्रोफेशनल एवं पॉलिसी कंसल्टेंट आयुष ठाकुर ने मार्गदर्शन प्रदान किया।

सांस्कृतिक संध्या में दिखी विविधता की झलक
दिन का समापन रंगारंग सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक परिधानों की रैम्प वॉक प्रस्तुत की। कार्यक्रम में जूरी सदस्य के रूप में अनिल अरोड़ा और डॉ. अजय सिंह पुंडीर उपस्थित रहे। इसके बाद रात्रि भोज और फीडबैक सत्र आयोजित किया गया।

युवाओं में राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की पहल
माय भारत और CCRT का यह संयुक्त प्रयास युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान, नेतृत्व विकास और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न राज्यों के युवा एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और विचारों को समझते हुए राष्ट्र निर्माण की साझा सोच विकसित कर रहे हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox