बिहार/उमा सक्सेना/- बिहार की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री पद को लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्य की सियासी गलियारों में यह सवाल लगातार उठ रहा है कि आने वाले समय में प्रदेश की कमान किसके हाथों में होगी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर भी कई नामों पर चर्चा चल रही है। कुछ नेताओं को भाजपा का मजबूत चेहरा माना जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर जनता दल (यूनाइटेड) से भी संभावित नाम सामने आ रहे हैं। इसी वजह से बिहार की राजनीतिक स्थिति को लेकर कयासों का दौर जारी है।
नित्यानंद राय को मजबूत दावेदार माना जा रहा
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय का नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में काफी समय से चर्चा में है। वह पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं और यादव समुदाय से आते हैं। बिहार की सामाजिक संरचना में यादव समाज की बड़ी हिस्सेदारी मानी जाती है, इसलिए राजनीतिक विश्लेषक उन्हें भाजपा के लिए एक रणनीतिक विकल्प मानते हैं। यह भी कहा जाता है कि राज्य में यादव वोट बैंक पर प्रभाव बनाने के लिए भाजपा उनके नाम पर विचार कर सकती है।
सम्राट चौधरी का नाम भी सुर्खियों में
वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में गिना जा रहा है। वह पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं और कुशवाहा समाज से संबंध रखते हैं। बिहार की राजनीति में कुशवाहा समुदाय का भी महत्वपूर्ण प्रभाव माना जाता है। हालांकि अब तक राज्य की राजनीति में ऐसा कम ही देखने को मिला है कि उपमुख्यमंत्री सीधे मुख्यमंत्री बने हों, लेकिन फिर भी उनका नाम संभावित उम्मीदवारों में शामिल बताया जा रहा है।
निशांत कुमार को लेकर भी चर्चा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम भी सियासी चर्चाओं में सामने आ रहा है। हालांकि वह अभी सक्रिय राजनीति में नए माने जाते हैं। कुछ राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि जदयू के भीतर कुछ लोग उन्हें आगे लाने की बात कर रहे हैं। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि यदि ऐसा होता है तो उन्हें सीधे मुख्यमंत्री के बजाय पहले उपमुख्यमंत्री जैसे पद से शुरुआत कराई जा सकती है।
महिला चेहरे के तौर पर श्रेयसी सिंह का नाम
राजनीतिक गलियारों में एक महिला चेहरे के तौर पर श्रेयसी सिंह का नाम भी कभी-कभी चर्चा में आ जाता है। हालांकि इसे अभी केवल संभावनाओं के तौर पर ही देखा जा रहा है। उनके अलावा कुछ अन्य नेताओं के नाम भी समय-समय पर सामने आते रहते हैं।
भाजपा किसी नए चेहरे पर भी खेल सकती है दांव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा कभी-कभी अचानक नए चेहरे को आगे करके बड़ा राजनीतिक फैसला लेती रही है। इसी वजह से यह भी संभावना जताई जा रही है कि भविष्य में पार्टी किसी ऐसे नेता को मुख्यमंत्री बना सकती है जिसका नाम अभी चर्चा में कम हो। यही कारण है कि बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं मानी जा रही है।
आगे क्या होगा, इस पर सबकी नजर
फिलहाल बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर अलग-अलग राजनीतिक समीकरणों पर मंथन जारी बताया जा रहा है। कौन नेता इस दौड़ में आगे निकलता है और किसे सत्ता की जिम्मेदारी मिलती है, यह आने वाले समय में ही साफ हो पाएगा।


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