देहरादून/उमा सक्सेना/- श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में वर्ष 2026–27 के बजट को मंजूरी देते हुए तीर्थ पुरोहितों के हित में एक बड़ा फैसला लिया गया। बैठक में सर्वसम्मति से ‘तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष’ स्थापित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस निर्णय का उद्देश्य तीर्थ पुरोहितों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत बनाना और उनके लिए कल्याणकारी योजनाओं को लागू करना है।
तीर्थ पुरोहितों के हितों को मिलेगा संरक्षण
बैठक के बाद जानकारी देते हुए समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि तीर्थ पुरोहितों की भूमिका धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए यह कोष बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कोष के माध्यम से पुरोहितों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं शुरू की जाएंगी, जिससे उन्हें आर्थिक सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।
बैठक में बजट प्रस्ताव को भी मिली स्वीकृति
मंदिर समिति की इस बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026–27 के बजट को भी पारित किया गया। बैठक के दौरान मंदिर प्रशासन, तीर्थ यात्रा व्यवस्था और तीर्थ यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जाएगा।
दिवंगत सदस्य को दी गई श्रद्धांजलि
बैठक के समापन से पहले समिति के दिवंगत सदस्य श्रीनिवास पोस्ती को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उपस्थित सभी सदस्यों और अधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और मंदिर समिति के लिए उनके योगदान को याद किया।
समिति के सदस्यों ने विश्वास जताया कि नए निर्णयों और योजनाओं से तीर्थ पुरोहितों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और तीर्थ यात्रियों को भी बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।


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