बच्चों को दी जाने वाली इस कफ सिरप पर पूरी तरह बैन

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

January 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
January 20, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

बच्चों को दी जाने वाली इस कफ सिरप पर पूरी तरह बैन

मानसी शर्मा / –  भारत में सर्दी-जुकाम के लिए छोटे बच्चों को आमतौर पर दिए जाने वाले कफ सिरप (Syrup) पर बैन लगा दिया गया है। यह आदेश पिछले साल दुनिया भर (World Wide) में कफ सिरप से 141 बच्चों की मौत के बाद आया है। पढ़िए पूरी खबर…

खांसी-सर्दी होने पर डॉक्टर आमतौर पर कफ सिरप दवा लेने की सलाह देते है। लेकिन बीते गुरुवार को ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने 4 साल से छोटे बच्चों को कफ सिरफ देने पर बैन लगा दिया है। डीजीसीआई ने अपने फैसले में कहा है कि क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलफ्राइन के कॉम्बिनेशन से बने कफ सिरप का बच्चों पर बुरा असर देखने को मिल रहा है। कफ सिरप पीने से 141 बच्चों की मौत को लेकर जांच के बाद डीजीसीआई ने ये फैसला लिया है।

यह आदेश कई बच्चों की मौत के बाद आया
यह आदेश साल 2019 के बाद से कई बच्चों की मौत के बाद आया है, जिसे देश में बने जहरीले कफ सिरप से जोड़कर माना जा रहा है। पिछले साल गाम्बिया, उज्बेकिस्तान और कैमरून में जहरीले कफ सिरप से कम से कम 141 मौत हो गई थी। भारत में प्रतिबंधित की जाने वाली दवाओं में क्लोफ़ेनिरामिन मैलिएट (Chlorpheniramine Maleate) और फिनाइलेफिन (Phenylephrine) शामिल हैं। ये वह दवाएं हैं, जो अक्सर कॉम्बिनेशन के रूप में सामान्य सर्दी के लक्षणों के इलाज के लिए बच्चों को जी जाती हैं।

बता दें कि साल 2019 में देश के भीतर निर्मित कफ सिरप पीने से कम से कम 12 बच्चों की मौत हो गई थी और चार अन्य विकलांग हो गए थे। कम कीमत वाली इन दवाओं के सेवन से बच्चों की जान को भी खतरा है। ऐसे में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने दवाओं के नए प्रतिबंध जारी किए।

दवाओं के ऊपर चेतावनी वाला लेबल भी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आदेश में यह भी कहा गया है कि दवा निर्माताओं को अपने उत्पादों पर चेतावनी वाले लेबल (Labels) लगाने की भी जरूरत है। जिसमें यह साफ तौर पर लिखा होना चाहिए कि यह दवा 4 साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जानी चाहिए।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी दी थी सलाह
गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में खांसी और सर्दी के लक्षणों के इलाज के लिए सिरप या दवाओं के उपयोग न करने की सलाह देता है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox