मटियाला/नई दिल्ली/अनुज मिश्रा/- मटियाला विधानसभा और छावला वार्ड की दुर्गा विहार कालोनी एक ऐसी कालोनी है जो भाजपा व आम आदमी पार्टी की राजनीति में फंसकर पूरी तरह से बदहाल हो गई है। कालोनीवासियों में नेताओं को लेकर आक्रोश व्याप्त है। लोगों का तो यहां तक कहना है कि अब कि बार देखते है कि कौन नेता किस मुंह से वोट मांगने आता है।
कालोनीवासियों का कहना है कि कालोनी की गलियों व सड़कों पर नालियों का गंदा पानी खड़ा है और जब बरसात हो जाती है तो हालात बद से बदतर हो जाते है। लोगों को या तो घरों में बंद होना पड़ता है या फिर 3 फुट पानी व कीचड़ में से निकल कर जाना होता है। कालोनी में मक्खी-मच्छरों का प्रकोप छाया हुआ है जिससे बिमारियां पैर पसार रही है। कालोनी में करीब 300 मकान है लेकिन वोट के लिए सभी आते है लेकिन विकास कार्यो के नाम पर लोगों को नेताओं के चक्कर काटने पड़ रहे है। आप के विधायक गुलाब सिंह व भाजपा के पार्षद शशि यादव की खींचतान में कालोनी में विकास कार्य रूके हुए है। लोग परेशानी झेल रहे है और नेता सिर्फ ओच्छी राजनीति कर रहे है।

लोगों की माने तो वो राजनेता का चुनाव इसलिए करते हैं कि उनके क्षेत्र की समस्याओं का समाधान होगा लेकिन मटियाला विधानसभा के अंतर्गत आने वाला दुर्गा विहार इसका विपरीत उदाहरण बनता जा रहा है। दरअसल में मटियाला विधानसभा के विधायक है गुलाब सिंह यादव जो आम आदमी पार्टी से हैं वहीं छावला वार्ड के निगम पार्षद हैं शशि यादव जो भारतीय जनता पार्टी से हैं और इन्हीं दोनों विधायक और पार्षद की आपसी राजनीति के कारण आज दुर्गा विहार पूरी तरह से बदहाल हो गया है। आप सिर्फ आकलन इस बात से लगा ले या कल्पना सिर्फ इस बात करे की आप अपने घरों से बाहर निकले और तकरीबन घर से बाहर निकलते ही आपको पानियों के सैलाब से होकर गुजरना पड़े तो भला इसे क्या कहेंगे और वह भी ऐसा पानी जो सीवर या नालियों का हो जब घर में छोटे-छोटे बच्चे हो और वह बाहर खेलने के लिए निकलने की कोशिश करें और उसे घर के पुरुष द्वारा या उसे घर के मालिक द्वारा उन बच्चों को सिर्फ इसलिए रोका जाए क्योंकि बाहर निकलते ही सीवर के पानी से उनका सामना हो जाए। इतना ही नहीं आंगनवाड़ी में भी बच्चे नहीं जा सकते और ना ही उन्हें आंगनबाड़ी की सरकारी सुविधा मिल पा रही हैं और सिर्फ यह इसलिए हो रहा है क्योंकि दो विभिन्न पार्टियों के राजनेता होने के कारण स्थानीय लोग असुविधा के केंद्र बिंदु में खड़े हैं। सवाल तो यह भी बनता है कि जब बुजुर्ग इस पानी में निकलते हैं तो वह गिर जाते हैं और उनके घुटने टूट जाते हैं। इस संबंध में विधायक गुलाब सिंह यादव व पार्षद शशि यादव से बात करने की कोशिश की गई लेकिन दोनो राजनेताओं ने फोन नही उठाया। जिस पर लोगों ने कहा कि ये नेता किस का भला करेंगे जो लोगों का फोन भी नही सुन सकते।


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