नेपाल में मंत्रीमंडल विस्तार पर जेन-जी के एक ग्रुप ने जताई नाराजगी, मांगा इस्तीफा

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February 11, 2026

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नेपाल में मंत्रीमंडल विस्तार पर जेन-जी के एक ग्रुप ने जताई नाराजगी, मांगा इस्तीफा

-बोले पीएम बना सकते हैं तो हटाने में भी नही लगेगी देर

काठमांडु/शिव कुमार यादव/- नेपाल में अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के मंत्रिमंडल गठन को लेकर जेन-जी समूह के एक ग्रुप ने अपनी नाराजगी जाहिर की है और उनसे इस्तीफे की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ता सुदन गुरुंग के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्री ओमप्रकाश अर्याल को नियुक्त किए जाने पर भी नाराजगी जताई। गुरुंग ने कार्की को चेतावनी दी कि अगर स्थिति नहीं सुधरी तो उन्हें हटाने में देर नहीं लगेगी।

नेपाल में केपी शर्मा ओली की सरकार का तख्तापलट करने वाले जेन-जी अब अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की से भी खफा हो गए हैं। उन्होंने मंत्रिमंडल का गठन मनमाने तरीके से करने का आरोप लगाया और कार्की से इस्तीफे की मांग की। ओली सरकार के खिलाफ आंदोलन का प्रमुख चेहरा बने सामाजिक कार्यकर्ता सुदन गुरुंग के नेतृत्व वाले जेन-जी के एक बड़े समूह ने रविवार देर रात तक कार्की के बलुवतार स्थित आवास के बाहर प्रदर्शन किया।

नेपाल की डिजिटल पत्रिका सेतोपाती की रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने खासतौर पर ओमप्रकाश अर्याल को गृह मंत्री बनाए जाने का विरोध किया। उनका कहना है कि इतने अहम पद पर किसी बाहरी सूत्रधार को क्यों बैठाया जा रहा। हम फिर सड़कों पर वापस आ गए, तो हमें कोई नहीं रोक सकता।

गुरुंग ने पीएम कार्की को दी चेतावनी
गुरुंग ने अंतरिम प्रधानमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा कि आपको प्रधानमंत्री बनाने में हमारा हाथ है और अगर हालात ऐसे ही रहे तो आपको और आपके नेताओं को हटाने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। बता दें, 12 सितंबर को सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला अंतरिम प्रधानमंत्री बनीं।

नेपाल में हिंसा और तख्त पलट
गौरतलब है कि यह फैसला तब आया, जब देशभर में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ भड़के आंदोलन के चलते ओली को इस्तीफा देना पड़ा और कई दिनों से जारी राजनीतिक अनिश्चितता खत्म हुई। कार्की का चयन राष्ट्रपति पौडेल, सेना के शीर्ष अधिकारियों और सरकार विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रहे युवाओं के बीच हुई बैठक के बाद किया गया है। जेन-जी ने मुख्य रूप से भ्रष्टाचार पर रोक, राजनीतिक अव्यवस्था का अंत और भाई-भतीजावाद से छुटकारे की मांग को लेकर पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन किया था।

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